ग्रेटर टोरंटो एरिया (GTA) में जबरन वसूली (Extortion) से जुड़े मामलों पर कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) ने बड़ी कार्रवाई की है. एजेंसी ने बताया कि संभावित उगाही नेटवर्क से जुड़े दर्जनों लोगों के खिलाफ डिपोर्टेशन (निर्वासन) के आदेश जारी किए गए हैं. यह कार्रवाई पिछले साल शुरू किए गए विशेष इमिग्रेशन प्रवर्तन अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य संगठित अपराध से जुड़े विदेशी नागरिकों पर शिकंजा कसना है.
GTA में 200 के करीब जांच, 33 डिपोर्टेशन ऑर्डर
CBSA के अनुसार, नवंबर 2025 से GTA में उगाही से जुड़े संभावित मामलों पर विशेष निगरानी शुरू की गई. इसके बाद अब तक लगभग 200 इमिग्रेशन जांच शुरू की गई हैं. इनमें 33 लोगों के खिलाफ डिपोर्टेशन ऑर्डर जारी किए जा चुके हैं, जबकि 17 लोगों को देश से हटाया (Deport) भी जा चुका है.
एजेंसी का कहना है कि ये मामले पुलिस, अन्य सरकारी एजेंसियों से मिली जानकारी, सार्वजनिक सूचनाओं और CBSA की अपनी जांच के आधार पर सामने आते हैं.
पहले पश्चिमी कनाडा में शुरू हुआ था अभियान
CBSA ने बताया कि संभावित उगाही से जुड़े मामलों की विशेष समीक्षा अगस्त 2025 में सबसे पहले Pacific और Prairie क्षेत्रों में शुरू की गई थी. इसके बाद नवंबर 2025 में इसी रणनीति को GTA तक विस्तारित किया गया.
देशभर में भी बड़ी कार्रवाई
GTA के अलावा पूरे कनाडा में भी सैकड़ों मामलों की जांच चल रही है. GTA के बाहर करीब 300 इमिग्रेशन जांच शुरू की जा चुकी हैं.
Pacific Region: 150 जांच, 69 डिपोर्टेशन ऑर्डर और 46 लोगों को देश से निकाला गया.
Prairie Region: 138 जांच, 37 डिपोर्टेशन ऑर्डर और 18 लोगों को हटाया गया.
सरकार का सख्त संदेश
कनाडा के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री Gary Anandasangaree ने कहा कि कनाडाई नागरिकों को अपने घर, कार्यस्थल और समुदाय में सुरक्षित महसूस करने का अधिकार है. सरकार अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध और जबरन वसूली जैसे खतरों से निपटने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों को मजबूत कर रही है और जिन लोगों को कनाडा में रहने का कानूनी अधिकार नहीं है, उन्हें देश से बाहर किया जाएगा.
Peel Region में भी सामने आए थे कई मामले
हाल के महीनों में GTA की कई पुलिस एजेंसियों ने जबरन वसूली की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताई है. मई में Peel Regional Police ने हिंसक उगाही के मामलों में 17 लोगों को गिरफ्तार किया था. पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह मुख्य रूप से दक्षिण एशियाई (अफ़ग़ानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका) कारोबारी समुदाय को निशाना बना रहा था और इस साल Peel Region में हुई लगभग 50 प्रतिशत फायरिंग की घटनाओं से भी इसका संबंध होने का संदेह है.
हुमरा असद