बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ जारी हैं भेदभाव, सरकारी नौकरियों से इस्तीफा देने पर किया जा रहा है मजूबर

मामला सिर्फ शिक्षकों से जुड़ा नहीं है बल्कि पुलिस अकादमी में ट्रेनिंग ले रहे उपनिरीक्षक पदों पर तैनात होने वाले हिंदू कैडेट्स की नौकरी पर भी खतरा मंडरा रहा है. हाल ही में शारदा पुलिस अकादमी में ट्रेनिंग पूरा कर चुके 252 सब इंस्पेक्टर्स को अनुशासन और अनियमितता के आरोप में निकाल दिया गया.

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ढाका में विरोध प्रदर्शन में भाग लेते बांग्लादेशी हिंदू समुदाय के सदस्य. (फाइल फोटो: पीटीआई) ढाका में विरोध प्रदर्शन में भाग लेते बांग्लादेशी हिंदू समुदाय के सदस्य. (फाइल फोटो: पीटीआई)

आशुतोष मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 27 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 1:13 PM IST

बांग्लादेश में 5 अगस्त की तारीख ने बहुत कुछ बदल दिया है. भेदभाव के खिलाफ शुरू हुए आंदोलन के बाद शेख हसीना की सरकार चली गई. इसके बाद अंतरिम सरकार के गठन से ही कट्टरपंथी ताकतों को बल मिल चुका है. अंतरिम सरकार में खुद को ताकतवर महसूस कर रहे बांग्लादेश के मुस्लिम कट्टरपंथी संगठन अल्पसंख्यक हिंदुओं को लगातार निशाना बना रहे हैं.

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हिंसा का दौर भले ही थम गया है लेकिन अब हिंदू अल्पसंख्यकों को सरकारी नौकरियों से निकाला जा रहा है या फिर उन्हें इस्तीफा देने पर मजबूर किया जा रहा है. 

प्रोफेसरों से लिए जा रहे हैं इस्तीफे

बांग्लादेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और बड़े शिक्षण संस्थानों में हिंदू शिक्षकों और प्रोफेसरों को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया जा रहा है. 5 अगस्त को शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद से, हिंदुओं को सरकारी पदों से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया है. ताजा मामला बांग्लादेश के चटगांव विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के सहायक प्रोफेसर रोंटू दास का है जिन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया.

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हिंदू शिक्षक का पत्र वायरल

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सोशल मीडिया पर हिंदू शिक्षक का इस्तीफा वायरल हो गया जिसमें उन्होंने लिखा है मैं अपने पद से त्यागपत्र दे रहा हूं. इसके पहले बांग्लादेश के कई जिलों में जाने-माने शैक्षणिक संस्थानों से हिंदू अध्यापकों को या तो निकाल दिया गया या उनका इस्तीफा लिया गया. कई बार कुछ शिक्षकों पर ईशनिंदा का आरोप लगाकर या फिर सोशल मीडिया पर उनके लिखे गए बयानों के चलते दबाव बनाकर इस्तीफा लिया गया.

मामला सिर्फ शिक्षकों से जुड़ा नहीं है बल्कि पुलिस अकादमी में ट्रेनिंग ले रहे उपनिरीक्षक पदों पर तैनात होने वाले हिंदू कैडेट्स की नौकरी पर भी खतरा मंडरा रहा है. हाल ही में शारदा पुलिस अकादमी में ट्रेनिंग पूरा कर चुके 252 सब इंस्पेक्टर्स को अनुशासन और अनियमितता के आरोप में निकाल दिया गया. इनमें से 91 हिंदू पुलिस कर्मी थे. यह तमाम नियुक्तियां शेख हसीना सरकार के दौरान शुरू हुई थी.

पासिंग परेड तक रद्द

 शारदा पुलिस अकादमी में 60 से ज्यादा एएसपी रैंक के अफसरों की पासिंग आउट परेड भी 20 अक्टूबर को रद्द कर दी गई. यानी इन बड़े अफसर को भी फिलहाल सरकारी नौकरी में नियुक्ति नहीं मिलेगी. एक हिंदू प्रशिक्षु असित ने 91 कैडेटों के निष्कासन के बारे में लिखा, "नाव किनारे पर डूब गई भगवान! मेरे साथ बांग्लादेश में बिना किसी भेदभाव के भेदभाव किया गया. मैं केवल इतना कह सकता हूं कि भगवान न्याय करेगा और इतिहास समय का न्याय करेगा. इतिहास ने कहा है कभी किसी को माफ नहीं किया. विधाता गवाह है".

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बांग्लादेश में हिंदूओं के खिलाफ नफरत का माहौल बनाया जा रहा है जिसके कारण वो पद खो रहे हैं और सरकारी नौकरियां भी जा रही हैं. कट्टरपंथी संगठन आरोप लगा रहे हैं कि शेख हसीना सरकार में आवामी लिग के करीबी लोगों को सरकारी नौकरियों में भर्ती किया गया है और अब सरकार बदलने के बाद उन तमाम जगहों पर भारतीयों को रद्द किया जा रहा है या फिर लोगों को पद से हटाया जा रहा है. वही हिंदू संगठनों का कहना है कि कट्टरपंथी संगठन हिंदुओं को निशाना बना रहे हैं और तमाम सरकारी नौकरियों से या तो उन्हें निकाला जा रहा है

हिंदुओं के खिलाफ लव ट्रैप कैंपेन

मामला सिर्फ सरकारी नौकरियों का नहीं है बल्कि हिंदुओं के खिलाफ लव ट्रैप कैंपेन चलाया जा रहा है. जिस तरह हिंदुस्तान में कुछ संगठनों ने मुसलमान के खिलाफ लवजिहाद का आरोप लगाते हुए आंदोलन शुरू किया है इसी तर्ज पर बांग्लादेश में मुस्लिम कट्टरपंथी संगठनों ने हिंदुओं के खिलाफ लव ट्रैप कैंपेन चलाया है. बांग्लादेश के कई इलाकों में संगठनों ने हिंदुओं के खिलाफ पोस्टर लगाया है और आरोप लगाया है कि हिंदू लड़के मुस्लिम महिलाओं को लव ट्रैप में फंसा कर उनका धर्म परिवर्तन करवा रहे हैं.

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दुर्गा पूजा में हुआ था हमला

इन पोस्ट में संगठनों ने मुस्लिम समाज की महिलाओं को सचेत रहने को कहा है. वही हिंदू संगठन कह रहे हैं कि हिंदू समाज की महिलाएं लव जिहाद का शिकार हो रही हैं, लेकिन बांग्लादेश में मुस्लिम कट्टरपंथी संगठन हिंदुओं को कट्टर हिंदुवादी बोलकर लव ट्रैप का आरोप लगा रहे हैं.

हाल ही में दुर्गा पूजा के दौरान बांग्लादेश के कई इलाकों में हिंदू देवियों की मूर्तियों के पर हमले के मामले सामने आए थे. इसके बाद पुलिस ने कई जगहों पर पुलिस और बांग्लादेश की सेवा को तैनात किया गया ताकि पर्व शांति से बीत सके. कट्टरपंथी संगठन बांग्लादेश के अंतिम सरकार की शय पाकर पुरी तरह आक्रामक हैं.

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