पाकिस्तान को दोस्त चीन ने दिया झटका, दिया भारत का साथ

चीन की मेजबानी में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आखिरी दिन 24 जून को एक बैठक में गैर ब्रिक्स देशों को आमंत्रित किया गया था. पाकिस्तान इस बैठक में शामिल नहीं हो पाया था, जिसके लिए पाकिस्तान ने भारत का नाम लिए बगैर उसे जिम्मेदार ठहराया था.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 जुलाई 2022,
  • अपडेटेड 2:25 PM IST
  • पाकिस्तान ब्रिक्स के आखिरी दिन एक बैठक में शामिल नहीं हो पाया था
  • पाकिस्तान ने बगैर नाम लिए भारत पर साधा था निशाना

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बदल रहे घटनाक्रमों के बीच पाकिस्तान को चीन और रूस से झटका लगा है. ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आखिरी दिन एक बैठक में पाकिस्तान को शामिल किए जाने से रोकने के फैसले पर चीन ने भारत का साथ दिया है.

चीन ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि बैठक के आयोजन का फैसला ब्रिक्स देशों ने मिलकर आपसी सलाह-मशविरे के बाद लिया था.

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दरअसल पाकिस्तान ने 24 जून को हुए ब्रिक्स आउटरीच कार्यक्रम में शामिल होने का प्रयास किया था लेकिन वह इस बैठक में शामिल नहीं हो पाया था. इसके बाद पाकिस्तान ने भारत पर निशाना साधते हुए उसे जिम्मेदार ठहराया था.

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को जारी बयान में कहा था, हमने नोट किया है कि इस साल ब्रिक्स से अलग वैश्विक विकास पर एक उच्चस्तरीय बैठक हुई थी, जिसमें कई विकासशील देशों और उभरती अर्थव्यवस्थाओं को आमंत्रित किया गया था. लेकिन खेदजनक है कि ब्रिक्स के एक सदस्य देश ने इसमें पाकिस्तान की भागीदारी को रोक दिया.

हालांकि, पाकिस्तान ने सीधे तौर पर भारत का नाम नहीं लिया था. चीन के स्पष्टीकरण के बाद अब ऐसा लगता है कि यह फैसला इस आधार पर लिया गया कि पाकिस्तान एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में योग्य नहीं है.

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अब इस पर प्रतिक्रिया देते हुए चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा है कि उच्चस्तरीय बैठक के आयोजन का फैसला ब्रिक्स देशों के बीच सलाह-मशविरे पर आधारित था. हालांकि, उन्होंने खुलकर इस पर बात नहीं की.

बता दें कि चीन की मेजबानी में 23 और 24 जून को वर्चुअली ब्रिक्स सम्मेलन हुआ था. सम्मेलन के आखिरी दिन 24 जून को ब्रिक्स बैठकों से अलग वैश्विक विकास पर एक उच्चस्तरीय बैठक हुई थी. इस बैठक में गैर ब्रिक्स देश के तौर पर पाकिस्तान शामिल होना चाहता था लेकिन हो नहीं पाया. बैठक में शामिल नहीं हो पाने का ठीकरा पाकिस्तान ने भारत पर फोड़ दिया था. हालांकि, पाकिस्तान ने सीधे तौर पर भारत का नाम नहीं लिया था. 

इस बैठक में अल्जीरिया, अर्जेंटीना, कंबोडिया, मिस्र, इथीयोपिया, फिजी, इंडोनेशिया, ईरान, कजाकिस्तान, सेनेगल, उज्बेकिस्तान, मलेशिया और थाईलैंड शामिल हुए थे. 

ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) से जुड़ी हुई परियोजनाओं में तेजी और पाकिस्तान की माली हालत में सुधार के कदमों से चीन खुश नहीं है. 

पाकिस्तान छह अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से बातचीत कर रहा है. 

दिवालिया होने के कगार पर खड़े पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार लगभग खाली हो गया है और उसे आर्थिक मदद की बहुत जरूरत है.

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