जापान के 'न्यूक्लियर डिजायर' से डरा चीन! 20 कंपनियों पर लगाया बैन

चीन ने जापान की सैन्य ताकत और परमाणु महत्वाकांक्षाओं को रोकने के लिए वहां की नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस स्टडीज समेत 20 संस्थाओं पर दोहरे इस्तेमाल वाले सामान के निर्यात को लेकर कड़ा प्रतिबंध लगा दिया है. हालांकि, सरकार के अनुसार इससे दोनों देशों के बीच होने वाला सामान्य व्यापार पूरी तरह अप्रभावित रहेगा.

Advertisement
चीन ने जापान की 20 कंपनियों पर लगाया बैन. (File photo: ITG) चीन ने जापान की 20 कंपनियों पर लगाया बैन. (File photo: ITG)

aajtak.in

  • बीजिंग,
  • 29 जून 2026,
  • अपडेटेड 11:59 AM IST

चीन के कॉमर्स (वाणिज्य) मंत्रालय ने 20 जापानी संस्थाओं पर सख्त निर्यात नियंत्रण उपाय लागू करने की घोषणा की है. चीनी मंत्रालय ने अपने इस कदम के पीछे का मकसद जापान के फिर से सैन्यीकरण और परमाणु महत्वकांक्षाओं को रोकना बताया है. चीन ने स्पष्ट किया कि इस कदम से दोनों देशों के बीच सामान्य आर्थिक और व्यापारिक आदान-प्रदान पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

इस कार्रवाई के तहत चीनी निर्यातकों और विदेशी संगठनों को इन जापानी संस्थाओं को चीन से उत्पन्न होने वाली दोहरे इस्तेमाल वाली वस्तुओं का निर्यात या हस्तांतरण करने से पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है. प्रतिबंधित की गई इन संस्थाओं में नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस स्टडीज भी शामिल है, जिसका सीधा संबंध जापान की सैन्य ताकत को बढ़ाने से है.

चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने ये पूरी तरह स्पष्ट किया है कि ये नए सुरक्षा उपाय केवल कुछ ही जापानी संस्थाओं पर लागू होंगे. ये प्रतिबंध केवल दोहरे इस्तेमाल वाले सामान पर लागू होंगे.

चीन का ये भी कहना है कि उनके इस कदम का चीन और जापान के बीच होने वाले सामान्य आर्थिक और व्यापारिक आदान-प्रदान पर कोई असर नहीं पड़ेगा. दोनों देशों के बीच नियमित व्यापारिक गतिविधियां हमेशा की तरह सामान्य रूप से चलती रहेंगी.

इस प्रतिबंध का मुख्य उद्देश्य जापान की बढ़ती सैन्य ताकत और उसकी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को रोकना है. जिन 20 जापानी संस्थाओं को इस निर्यात नियंत्रण सूची में जोड़ा गया है, उनका संबंध जापान की सैन्य शक्ति को मजबूत करने वाली गतिविधियों से पाया गया है.

बता दें कि चीन का ये कदम दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव का संकेत है. चीन जापान की हालिया सैन्य गतिविधियों और रक्षा क्षमता विस्तार को लेकर लगातार चिंता जता रहा है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »