कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने शुक्रवार को कहा कि कनाडा अमेरिका पर अपनी लंबे समय से चली आ रही निर्भरता से अब आगे बढ़ रहा है. यूरोप की यात्रा से लौटने के बाद उन्होंने कहा कि कनाडा और यूरोप के बीच एक नए गठबंधन की शुरुआत हो गई है.
संसद के नए सत्र से पहले ओटावा में लिबरल सांसदों को संबोधित करते हुए कार्नी ने यूरोप के साथ कनाडा के रिश्तों को मजबूत करने पर जोर दिया. पिछले एक हफ्ते में वे यूरोप के साथ करीबी संबंध बनाने और कनाडा को यूरोपीय संघ का पहला एसोसिएट सदस्य बनाने के विचार का समर्थन कर चुके हैं.
कार्नी के ट्रंप के हालिया टैरिफ फैसले को बताया गलत
कार्नी ने अमेरिका की ओर से लगाए गए हालिया टैरिफ को "गलत फ़ैसला" बताया. इसके साथ उन्होंने कहा कि पिछले महीने वॉशिंगटन के साथ व्यापार वार्ता रोकने का फैसला बिल्कुल सही था.
कनाडा और इंग्लैंड के सेंट्रल बैंक के पूर्व प्रमुख कार्नी ने कनाडा और अमेरिका के बीच अंतर भी बताया, क्योंकि अमेरिका सरकार के लिए उधार लेने की लागत कनाडा की तुलना में काफी ज़्यादा है.
कनाडा एक मजबूत देश है: कार्नी
कार्नी ने कहा, "हम अब देख रहे हैं कि वित्तीय बाजार कीमतों में बदलाव कर रहे हैं, ताकि मज़बूत और कमज़ोर के बीच फ़र्क किया जा सके. हम मजबूत हैं. कनाडा एक मजबूत देश हैं."
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यह बयान ऐसे समय में आए हैं, जब कार्नी ने पिछले हफ्ते यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की की मेज़बानी की है. इसके अलावा, उन्होंने टोरंटो में बड़े ग्लोबल निवेशकों के साथ बैठक की. लिवरपूल में यूके के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम से मुलाकात की. और स्ट्रासबर्ग में यूरोपियन संसद को संबोधित किया.
कनाडा किसी एक देश पर निर्भर नहीं रह सकता: कार्नी
स्ट्रासबर्ग में, कार्नी ने यूरोप की ओर झुकाव का समर्थन किया. इस दौरान उन्होंने ऊर्जा, ज़रूरी खनिजों, रक्षा, AI, रिसर्च और दूसरे रणनीतिक क्षेत्रों में गठबंधन की बात की. उन्होंने साफ कहा कि कनाडा अब किसी एक देश पर निर्भर नहीं रह सकता. उनकी इसी कोशिश में अगला बड़ा कदम मॉन्ट्रियल में 29 और 30 अक्टूबर को होने वाला कनाडा-EU समिट होगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडाई वस्तुओं पर टैरिफ लगाए हैं. इतना ही नहीं, ट्रंप कई बार कनाडा को 51वां राज्य बनाने की भी बात कह चुके हैं और कनाडा पर आगे आर्थिक दबाव डालने की धमकी भी दे चुके हैं.
वहीं, कार्नी ने इस हफ़्ते कनाडा निवेश शिखर सम्मेलन में घोषित बिज़नेस टैक्स में छूट का भी ज़िक्र किया. सरकार को उम्मीद है कि इस कदम से नए निवेश पर प्रभावी टैक्स दर घटकर 6.4% हो जाएगी, जो अमेरिका की दर के आधे से भी कम है.
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कार्नी ने कहा, "हमें किसी बड़े शानदार बिल की ज़रूरत नहीं थी. हमें एक टारगेटेड पहल की ज़रूरत थी." सरकार के मुताबिक, कनाडा निवेश शिखर सम्मेलन के दौरान करीब 500 अरब डॉलर के निवेश का वादा किया गया है.
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