'हिंदुओं के घर जलाए, मंदिरों को नुकसान...', बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न पर ब्रिटेन ने जताई नाराजगी

लंदन में यूके सरकार ने बांग्लादेश में हिंदू और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा और उत्पीड़न की कड़ी निंदा की है. संसद में बयान देते हुए कहा गया कि यूके शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक बदलाव और धार्मिक स्वतंत्रता की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. वहीं, सरकार ने अल्पसंख्यकों की रक्षा के लिए तत्काल कोई विशेष कदम लेने का आश्वासन नहीं दिया.

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बांग्लादेश में लंबे समय से हिंदू समुदाय के उत्पीड़न का दावा किया जा रहा है. (File Photo: PTI)) बांग्लादेश में लंबे समय से हिंदू समुदाय के उत्पीड़न का दावा किया जा रहा है. (File Photo: PTI))

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 अक्टूबर 2025,
  • अपडेटेड 11:14 AM IST

यूके सरकार ने बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हिंसा और हेट स्पीच की घटनाओं की कड़ी निंदा की है. यह बयान हाउस ऑफ कॉमन्स में दिया गया, जब विपक्षी कंजरवेटिव पार्टी के सांसद बॉब ब्लैकमैन ने कम्युनिटी संगठन Insight UK की रिपोर्ट का हवाला देते हुए हिंदुओं पर हो रहे उत्पीड़न को उठाया.

ब्रिटिश हिंदुओं के लिए ऑल पार्टी पार्लियामेंट्री ग्रुप (APPG) के अध्यक्ष ब्लैकमैन ने सांसदों को बताया कि यह रिपोर्ट दिवाली के त्योहार के करीब बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ बढ़ रहे उत्पीड़न को उजागर करती है. उन्होंने कहा कि घर जलाए जा रहे हैं, व्यवसायों को तोड़ा जा रहा है, और मंदिरों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है.

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इस पर हाउस ऑफ कॉमन्स के नेता सर एलन कैंपबेल ने कहा, "हम सभी धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हेट या हिंसा की घटनाओं की कड़ी निंदा करते हैं. हम बांग्लादेश में मानवतावादी स्थिति को सुधारने और अंतरिम सरकार का समर्थन करके शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक बदलाव सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से लगे हुए हैं. हम धार्मिक स्वतंत्रता की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं."

यूके सरकार ने किसी विशेष सुरक्षा की बात नहीं कही

ब्लैकमैन द्वारा मांगे जाने पर कैंपबेल ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए किसी विशेष सरकारी मंत्री के बयान या कार्रवाई का आश्वासन नहीं दिया. ब्लैकमैन ने कहा, "अगले सप्ताह हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध अपने त्योहारों और नए साल का जश्न मनाएंगे, लेकिन दुर्भाग्यवश बांग्लादेश में ऐसा संभव नहीं होगा."

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शेख हसीना की सरकार जाने के बाद से एक्टिव ब्रिटिश सांसद

ब्लैकमैन ने पिछले साल ढाका में शेख हसीना शासन के पतन और उसके बाद अल्पसंख्यकों पर बढ़ती हिंसा के बाद से इस मुद्दे को संसद में उठाते रहे हैं. उन्होंने संसद को पहले भी जानकारी दी थी कि हिंदू समुदाय के घर जलाए जा रहे हैं और उनके व्यवसायों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है.

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