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4 दिन में बदला, ईरान का दावा- 80 अमेरिकी 'आतंकियों' को मारा

aajtak.in
  • 08 जनवरी 2020,
  • अपडेटेड 1:37 PM IST
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ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स ने चार दिन के भीतर ही अमेरिका से अपने मेजर जनरल सुलेमानी की हत्या का बदला ले लिया. रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स की वायु सेना ने बुधवार सुबह इराक स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर दर्जनों बैलेस्टिक मिसाइलें दागीं. ईरान की मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि हमले में 80 अमेरिकी मारे गए हैं.

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ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने बाद में आधिकारिक बयान में कहा, 'ऑपरेशन शहीद सुलेमानी' को बुधवार सुबह को अंजाम दिया गया और अमेरिकी ठिकानों पर दर्जनों सतह से सतह मार करने वाली मिसाइलों से हमला किया गया.

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ईरानी सेना ने इसके साथ ही अमेरिका को चेतावनी भी दी कि अगर वह कोई और हमला करता है तो ईरान इससे भी ज्यादा दर्द देने वाली कार्रवाई करेगा.

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अमेरिका की मध्य-पूर्व सेना का नेतृत्व करने वाली सेंट्रल कमांड ने बताया कि ईरान ने इराक में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए करीब 15 बैलेस्टिक मिसाइलें दागीं. अल असद एयर बेस पर 10 मिसाइलों से हमला किया गया, वहीं इरबिल में एक मिसाइल ने धावा बोला जबकि चार अन्य मिसाइलें अपने निशाने से चूक गईं. अटैक दो चरणों में हुआ और दोनों हमलों में करीब एक घंटे का गैप था.

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ईरान के सरकारी टीवी चैनल ने दावा किया कि 15 मिसाइलों से हुए हमले में 80 अमेरिकी मारे गए. ईरान ने अमेरिकियों को आतंकी कहकर बुलाया. बता दें कि ईरान की संसद ने मंगलवार को मध्य-पूर्व में मौजूद अमेरिकी सेना को आतंकवादी घोषित कर दिया है.

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अमेरिकी इंटेलिजेंस के मुताबिक, ईरान के पास करीब 2000 से ज्यादा बैलेस्टिक मिसाइलें हैं. सरकारी टीवी ने रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स के हवाले से लिखा कि ईरान ने क्षेत्र में करीब 100 टारगेट की पहचान कर रखी है, अगर वॉशिंगटन किसी जवाबी कार्रवाई की कोशिश करता है तो वह इन ठिकानों को तबाह कर देगा. ईरान के सरकारी चैनल के मुताबिक, अमेरिकी हेलिकॉप्टरों और सैन्य उपकरणों को गंभीर नुकसान पहुंचा है. हालांकि अमेरिका की तरफ से 80 अमेरिकियों के मारे जाने को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

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ईरान ने अमेरिका के सहयोगियों को भी धमकी दी है कि अगर वे अमेरिका को अपने सैन्य बेस का इस्तेमाल करने देंगे तो उन्हें इसका अंजाम भुगतना होगा. बयान में कहा गया, जिसकी भी जमीन से ईरान पर हमला करने की कोशिश की जाएगी, उसे टारगेट किया जाएगा. इसके साथ ही कहा कि अगर अमेरिका और बड़े नुकसान से बचना चाहता है तो अपनी सेनाओं को मध्य-पूर्व क्षेत्र से तुरंत वापस बुला ले.

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