'पश्चिम बंगाल में 6 महीने के भीतर लागू होगा UCC', CM शुभेंदु अधिकारी का बड़ा ऐलान

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 6 महीने के भीतर राज्य में UCC लागू करने और जबरन धर्म परिवर्तन के खिलाफ सख्त कानून बनाने की बात कही. नंदीग्राम उपचुनाव के प्रचार के दौरान उन्होंने ममता बनर्जी की 2021 की पैर की चोट को लेकर सवाल उठाए.

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शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल में 6 महीने में UCC लागू करने का ऐलान किया. (Pic: PTI) शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल में 6 महीने में UCC लागू करने का ऐलान किया. (Pic: PTI)

तपस सेनगुप्ता

  • कोलकाता,
  • 04 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 4:05 PM IST

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को कहा है कि उत्तराखंड और गुजरात के बाद पश्चिम बंगाल में भी 6 महीने के भीतर समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में जबरन धर्म परिवर्तन के खिलाफ सख्त कानून बनाया जाएगा.

17 नवंबर को कोलकाता में हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा. इसके बाद 29 दिसंबर को कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में गीता पाठ का आयोजन किया जाएगा.

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नंदीग्राम उपचुनाव के प्रचार के आखिरी दिन पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पूर्व की TMC सरकार पर बीजेपी नेताओं को फंसाने के लिए CID के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान ममता बनर्जी ने पैर में चोट लगने का गलत दावा किया था और इसी आधार पर बीजेपी नेताओं के खिलाफ हत्या की कोशिश का मामला दर्ज किया गया था.

पैदल मार्च निकाला

रविवार को बीजेपी उम्मीदवार हसीरानी रथ के समर्थन में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में पैदल मार्च निकाला. हसीरानी रथ, अधिकारी के मारे जा चुके करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की मां हैं. इस दौरान उन्होंने ममता बनर्जी के पैर में लगी चोट को लेकर एक बार फिर सवाल उठाए. एक दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में अधिकारी ने दावा किया था कि 2021 में नंदीग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी ने पैर की चोट का नाटक किया था. उन्होंने एक दस्तावेज भी दिखाया था और दावा किया था कि यह ममता बनर्जी की मेडिकल रिपोर्ट है, जिसमें फ्रैक्चर का कोई सबूत नहीं था.

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बीजेपी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया

रविवार को चुनाव प्रचार के दौरान अधिकारी ने कहा कि पिछली TMC सरकार में CID ने झूठे मामलों के आधार पर बीजेपी नेताओं को परेशान किया. उन्होंने दावा किया कि आधिकारिक दस्तावेजों में फ्रैक्चर नहीं होने के बावजूद उनके खिलाफ हत्या की कोशिश के मामले दर्ज किए गए. अधिकारी ने कहा कि आदर्श आचार संहिता हटने के बाद वह कानून के तहत जरूरी कदम उठाएंगे. उन्होंने कहा कि अगर किसी को वास्तव में परेशान किया गया है तो उसे कानूनी सुरक्षा मिलेगी, लेकिन झूठे आरोप लगाने पर भारतीय न्याय संहिता में सजा का प्रावधान है. उन्होंने 'पीड़ित' बीजेपी कार्यकर्ताओं को पूरी कानूनी मदद दिलाने की बात कही.

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