दार्जिलिंग में भारी बारिश के कारण दूधिया पुल का एक हिस्सा बहा, सिलीगुड़ी-मिरिक प्रभावित

भारी बारिश ने उत्तर बंगाल में जनजीवन और यातायात की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. बालासन नदी के तेज बहाव में दूधिया का अस्थायी पुल बहने से सिलीगुड़ी और मिरिक के बीच सीधा संपर्क टूट गया है. प्रशासन ने सुरक्षा के चलते रास्ता बंद कर दिया है. अब यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है.

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 दार्जिलिंग में दूधिया पुल का एक हिस्सा बहा (Photo: Screenshot) दार्जिलिंग में दूधिया पुल का एक हिस्सा बहा (Photo: Screenshot)

aajtak.in

  • दार्जिलिंग,
  • 25 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 4:04 PM IST

दार्जिलिंग के दूधिया इलाके में भारी बारिश के कारण बालासन नदी का जलस्तर बढ़ गया है. नदी के तेज बहाव में दूधिया स्थित अस्थायी ह्यूम पाइप पुल का एक बड़ा हिस्सा बह गया. पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद सिलिगुड़ी और मिरिक के बीच सीधा सड़क संपर्क प्रभावित हो गया है. इससे स्थानीय लोगों और मार्ग से आने-जाने वाले वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. 

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बताया जा रहा है कि उत्तर बंगाल के कई इलाकों में लगातार बारिश हो रही है. बारिश के कारण बालासन नदी में पानी का बहाव काफी तेज हो गया. तेज बहाव का दबाव अस्थायी पुल और उसका एक अहम हिस्सा नदी में बह गया. पुल पहले से ही अस्थायी व्यवस्था के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था. घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस रास्ते पर वाहनों की आवाजाही रोक दी है. 

पुल बहने के बाद क्या है यात्रा का दुसरा विकल्प?

लोगों को पुल के आसपास जाने से भी बचने की सलाह दी गई है. सिलीगुड़ी और मिरिक के बीच जाने वाले वाहनों को दूसरे रास्तों से भेजा जा रहा है. इससे यात्रियों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है और यात्रा का समय भी बढ़ सकता है. प्रशासन और आपातकालीन टीमें बालासन नदी के जलस्तर और बहाव पर लगातार नजर बनाए हुए हैं.

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हालांकि, इलाके में बारिश जारी रहने और नदी के तेज बहाव के कारण पुल की मरम्मत का काम चुनौतीपूर्ण बना हुआ है. अधिकारियों की प्राथमिकता फिलहाल लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. बालासन नदी के किनारे और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने को कहा है.

मौसम विभाग ने उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और आसपास के क्षेत्रों में आने वाले दिनों में भी खराब मौसम बने रहने का अनुमान जताया है. ऐसे में प्रशासन की और से नदी के जलस्तर और संवेदनशील इलाकों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.

(इनपुट: कायेश अंसारी)

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