पड़ोसी देश भूटान में ग्लेशियल झील फटने की खबरों के बीच पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है. बताया जा रहा है कि भूटान की अति-संवेदनशील शिंताफू झील से गुरुवार शाम से तेज बहाव के साथ पानी निकल रहा है. इसके चलते आसपास के इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है. इलाकों में लगातार सायरन बज रहे हैं.
इसी के मद्देनजर बंगाल का अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी जिला प्रशासन लोगों को सतर्क कर रहा है. अलीपुरद्वार जिले के कुमारग्राम में संकोश नदी के किनारे रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है. वहीं, जलपाईगुड़ी जिले के बनारहाट में भी प्रशासन स्थानीय लोगों को अलर्ट कर रहा है.
पश्चिम बंगाल के वन मंत्री और कुमारग्राम के विधायक मनोज कुमार ओरांव ने फेसबुक पर वीडियो मैसेज जारी कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि भूटान से होकर आने वाले पानी का तेज बहाव अगले कुछ ही घंटों में संकोश नदी तक पहुंच सकता है. यह नदी अलीपुरद्वार जिले के कुमारग्राम क्षेत्र से होकर बहती है.
मंत्री ने नदी के आसपास रहने वाले लोगों को एहतियात के तौर पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि किसी भी संभावित खतरे से बचने के लिए लोगों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए. साथ ही उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और अधिकारियों का सहयोग करने की अपील की.
बनारहाट में भी प्रशासन अलर्ट
जलगपाईगुड़ी जिला प्रशासन ने भी बनारहाट क्षेत्र में स्थानीय लोगों को सतर्क करना शुरू कर दिया है. भूटान में पानी के तेज बहाव की खबरों के बाद नदी किनारे रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने के लिए कहा जा रहा है. प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके.
भूटान से सामने आए दृश्यों में नदी के किनारे रहने वाले लोगों को चेतावनी देने के लिए सायरन बजाया जा रहा है. इस तरह की चेतावनी का उद्देश्य लोगों को संभावित खतरे के प्रति आगाह करना और उन्हें समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने का मौका देना है.
शिंताफू झील से पानी निकलने की खबर
भूटान से मिली जानकारी के मुताबिक, गासा जिले के लाया गेओग के लुंगो इलाके में वाकिला पर्वत के नीचे स्थित शिंताफू झील से शाम को पानी बाहर निकलने की खबर सामने आई. स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रभावित क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.
हालांकि, भूटान के राष्ट्रीय जल विज्ञान और मौसम विज्ञान केंद्र के एक अधिकारी ने बताया कि तकत्सिमाखांग में जलस्तर पर नजर रखने के लिए निगरानी स्टेशन मौजूद है, लेकिन वहां अब तक कोई अलर्ट जारी नहीं हुआ था. इसका मतलब यह हो सकता है कि पानी अभी निगरानी स्टेशन तक नहीं पहुंचा हो.
संभावित खतरनाक झीलों में शामिल है शिंताफू
बता दें कि शिंताफू झील को भूटान की 17 संभावित खतरनाक ग्लेशियल झीलों में शामिल माना जाता है. यह मो छू नदी के उद्गम क्षेत्र में स्थित है. ग्लेशियल झीलों से अचानक बड़ी मात्रा में पानी निकलने पर निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है. इसी आशंका को देखते हुए पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिलों में प्रशासन सतर्कता बरत रहा है.
अनुपम मिश्रा