लखनऊ के ग्रामीण इलाकों में बाढ़ से हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं. इटौंजा क्षेत्र के लासा गांव में मंगलवार सुबह दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया, जहां पानी के तेज बहाव में बहने से 19 वर्षीय विमल कुमार की मौत हो गई. विमल अपने 6 दोस्तों के साथ गया था. 5 दोस्तों को तो सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन विमल गहरे पानी में लापता हो गया. घंटों की मशक्कत के बाद प्रशासन ने उसका शव बरामद किया.
हादसे में बाल-बाल बचे विमल के दोस्त
शिवम ने बताया कि गांव में चारों तरफ पानी भरा है और आवाजाही के लिए कोई नाव नहीं चल रही थी. सुबह शौच के बाद सभी दोस्त पैदल ही सड़क किनारे से लौट रहे थे. तभी एक दोस्त का पैर फिसल गया और वह डूबने लगा. उसे बचाने के चक्कर में बाकी साथी भी पानी में कूद पड़े. शिवम के मुताबिक, पानी का बहाव इतना तेज था कि सभी डूबने लगे और काफी पानी पी गए. किसी तरह 5 लोग किनारे तक पहुंच गए, लेकिन विमल तेज धार में बह गया.
प्रशासनिक अमले में हड़कंप
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया. मामले पर एसडीएम ने बताया कि सुबह करीब 7:30 बजे ग्रामीणों, लेखपाल और पुलिस के जरिए एक युवक के डूबने की सूचना मिली थी. इसके तुरंत बाद डीसीपी नॉर्थ, एसीपी बीकेटी और तहसीलदार के साथ प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया और पीड़ित परिवार से मुलाकात की.
ऐसे हुई मौत
एसडीएम के अनुसार, सुबह करीब 6:40 बजे गांव के 7-8 लड़के हाल ही में ऊंचे किए गए लासा मार्ग से निकल रहे थे. सड़क के ठीक बाईं तरफ गहरा तालाब था. इसी दौरान एक युवक की चप्पल पानी में बह गई, जिसे निकालने के प्रयास में वह फिसल गया. उसे बचाने के लिए विमल समेत अन्य लड़के आगे बढ़े. बाकी साथी तो तैरकर बाहर निकल आए, लेकिन कृष्ण कुमार का बेटा विमल गहरे पानी में चला गया, जिससे डूबने से उसकी मौत हो गई. प्रशासन ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.
लखनऊ में बाढ़ का कहर
गौरतलब है कि लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने और बैराज के गेट खोले जाने से निचले (तटीय) इलाकों में भारी जलभराव हो गया है. सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में मड़ियांव व घैला गांव और जानकीपुरम विस्तार के तटीय हिस्से शामिल हैं, जहां पानी कॉलोनियों तक पहुंच गया है.
इसके अलावा, फैजुल्लागंज के निचले वार्डों और झुग्गियों में पानी का जमाव देखा जा रहा है. पुराना लखनऊ के दौलतगंज, ठाकुरगंज, गऊघाट, डालीगंज और कसाइबाड़ा की तटीय बस्तियों में भी गोमती का पानी घुस गया है. पक्का पुल व टीले वाली मस्जिद के पास स्थित कैचमेंट एरिया और मैदान पूरी तरह जलमग्न हैं.
वहीं डाउनस्ट्रीम में गोमती नगर व गोमती नगर विस्तार के डूब क्षेत्र (फ्लड प्लेन) से सटे हुसड़िया, उजरियांव और मखदूमपुर के निचले हिस्सों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित हुआ है. प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है.
अंकित मिश्रा