उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में अपने मंगेतर के साथ बाहर निकली एक 20 साल की महिला के साथ कथित तौर पर तीन पुरुषों ने बलात्कार किया. पुलिस ने बताया कि दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. अधिकारियों ने मंगलवार शाम को बताया कि गैंगरेप की ये घटना पिछले शुक्रवार को खागा कोतवाली क्षेत्र में हुई.
कपल एक रिश्तेदार के घर जा रहे थे तभी दो पुरुष उनके पास आए, उनसे पूछताछ की और उन्हें गाली देना शुरू कर दिया. आरोपियों ने कथित तौर पर मंगेतर पर हमला किया, उसे बंधक बनाया और महिला का बलात्कार किया. बाद में एक तीसरे साथी को भी बुलाया गया, जिसके बाद तीनों पुरुषों ने लगभग तीन घंटे तक बारी-बारी से महिला के साथ दुष्कर्म किया.
पीड़िता के मंगेतर के अनुसार, आरोपियों ने दंपति को पीटा, धमकाया, हमले का वीडियो बनाया और मंगेतर को ऑनलाइन 2,500 रुपये ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया. उन्होंने कथित तौर पर दंपति से एक वीडियो भी रिकॉर्ड करवाया जिसमें उन्होंने कहा कि 'कुछ नहीं हुआ', और उन्हें पुलिस के पास न जाने की चेतावनी दी.
दंपति ने पहले स्थानीय पुलिस स्टेशन से संपर्क किया, लेकिन उनका दावा था कि उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया. रविवार को फतेहपुर एसपी अभिमन्यु मंगलिक से संपर्क करने के बाद ही एफआईआर दर्ज की गई. पुलिस ने लेन-देन के विवरण और पीड़िता की पहचान के आधार पर दो आरोपियों 29 साल के ललित और 28 साल के युवराज सिंह को गिरफ्तार कर लिया है.
मुख्य आरोपी 33 साल का बबलू सिंह अभी भी फरार है और उसके ठिकाने के बारे में जानकारी देने वाले को 50,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई है. आरोपियों पर बलात्कार, जबरन वसूली और आईटी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. विशेष अभियान समूह (एसओजी) सहित कई टीमें फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए काम कर रही हैं.
कथित लापरवाही के लिए पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है. स्टेशन हाउस ऑफिसर आर के पटेल को उनके पद से हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया गया है और चौकी प्रभारी सब-इंस्पेक्टर अनीश सिंह को निलंबित कर दिया गया है.
पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया है कि उन्हें शिकायत वापस लेने के लिए धमकियां और पैसों की पेशकश मिल रही है. उन्होंने यह भी दावा किया है कि मुख्य आरोपी का सत्ताधारी पार्टी से राजनीतिक संबंध है, हालांकि स्थानीय पार्टी प्रतिनिधियों ने इस आरोप का खंडन किया है. समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित के गांव पहुंचा और कड़ी कार्रवाई की मांग की. पुलिस ने बताया कि आगे की जांच जारी है.
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