वाराणसी में एयर शो के दौरान जर्जर छतों और बालकनी पर लोगों के एकत्र होने पर रोक लगाई गई है. नगर निगम ने इसे लेकर सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है. गंगा तटवर्ती क्षेत्रों के जर्जर और कमजोर भवनों में अतिरिक्त भार और वायुयान के कंपन से हादसे की आशंका को देखते हुए यह सुरक्षा चेतावनी जारी की गई है.
शहर के चार जोन में 424 जर्जर भवन चिन्हित किए गए हैं. नगर निगम ने कहा है कि छतों और छज्जों की क्षमता की जांच किए बिना भवन स्वामी और किरायेदार लोगों को वहां आमंत्रित न करें. नगर निगम ने चेतावनी दी है कि लापरवाही पर नगर निगम अधिनियम 1959 के तहत सख्त कार्रवाई होगी. एयर शो के दौरान केवल प्रशासन द्वारा स्वीकृत सुरक्षित स्थानों का ही उपयोग करने की अपील की गई है.
भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित 'विंग्स ओवर गंगा' का मुख्य कार्यक्रम 22, 24 और 25 अक्टूबर को नमो घाट पर प्रस्तावित है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 अक्टूबर को दोपहर करीब एक बजे इस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं. 21 अक्टूबर को हुई ग्रैंड रिहर्सल के बाद अब लोगों को मुख्य एयर शो का इंतजार है. इसमें 100 विमानों के प्रदर्शन के जरिए भारतीय वायुसेना की ताकत, तकनीक और कौशल देखने को मिलेगा. गंगा और काशी के ऐतिहासिक घाटों की पृष्ठभूमि में होने वाला यह आयोजन सैन्य विमानन और ऐतिहासिक घाटों का अनोखा संगम होगा.
100 विमानों को शामिल करने की योजना
मुख्य एयर शो में 100 विमानों को शामिल करने की योजना है. इनमें 52 लड़ाकू विमान, 32 हेलीकॉप्टर, 15 परिवहन विमान और एक ऐतिहासिक विमान शामिल हैं. राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, मिग-29, जगुआर और स्वदेशी तेजस जैसे लड़ाकू विमान भी प्रदर्शन में शामिल होंगे. इसके अलावा सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर प्रदर्शन टीम भी अपने करतब दिखाएंगी.
अलग-अलग विमानों और टीमों के प्रदर्शन के जरिए वायुसेना की तकनीकी क्षमता और संचालन कौशल को दिखाया जाएगा. गंगा और काशी के ऐतिहासिक घाटों की पृष्ठभूमि में दर्शकों को भारतीय वायुसेना की कार्यशैली को करीब से देखने का अवसर मिलेगा. इस आयोजन के जरिए युवाओं को वायुसेना में करियर और राष्ट्रसेवा से जुड़ने के लिए प्रेरित करने की भी कोशिश की जा रही है.
रोशन जायसवाल