ब्रिटिश नागरिक बना, फिर भी UP सरकार से ली 53 लाख सैलरी, मौलाना की प्रॉपर्टी ED ने की अटैच

UP News: ब्रिटिश नागरिकता लेकर आजमगढ़ के मदरसे से 53.46 लाख सैलरी उठाने वाले मौलाना शमशुल हुदा खान पर ED का एक्शन. संतकबीर नगर में प्लॉट अटैच. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

Advertisement
आजमगढ़ के मदरसे में शिक्षक बने मौलाना पर ईडी का शिकंजा.(Photo:ITG) आजमगढ़ के मदरसे में शिक्षक बने मौलाना पर ईडी का शिकंजा.(Photo:ITG)

संतोष शर्मा

  • लखनऊ,
  • 02 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 11:45 PM IST

ब्रिटिश नागरिकता हासिल करने के बावजूद उत्तर प्रदेश सरकार से बतौर मदरसा टीचर तनख्वाह, पेंशन और भत्ते ऐंठने वाले मौलाना शमशुल हुदा खान पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शिकंजा कस दिया है. ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत मौलाना के खलीलाबाद स्थित 189.75 वर्ग मीटर के आवासीय प्लॉट को अटैच कर लिया है.  इस अचल संपत्ति का अनुमानित मूल्य 53 लाख 46 हजार रुपये है.

Advertisement

जांच में सामने आया कि मौलाना शमशुल हुदा खान आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर स्थित एक अनुदानित मदरसे में सहायक शिक्षक के पद पर तैनात था. उसने साल 2013 में ब्रिटिश नागरिकता ले ली थी. भारतीय नागरिकता खत्म होने और ब्रिटेन का नागरिक बनने के बाद भी मौलाना ने यह बात यूपी सरकार और शिक्षा विभाग से छिपाए रखी.

मौलाना साल 2007 से लेकर 2017 तक कागजों पर नौकरी दिखाता रहा और ब्रिटेन में रहते हुए भी लगातार यूपी सरकार के खजाने से वेतन, पेंशन और अन्य वित्तीय भत्ते उठाता रहा. इस अवधि में उसने करीब 53.46 लाख रुपये की अवैध सरकारी राशि प्राप्त की, जिससे बाद में संतकबीर नगर के खलीलाबाद में प्लॉट खरीदा गया.

11 फरवरी 2026 की रेड के बाद मिला था सुराग

बता दें कि इसी साल 11 फरवरी 2026 को ईडी की टीमों ने संतकबीर नगर और अन्य संबंधित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी. छापेमारी के दौरान जब्त किए गए अहम दस्तावेजों, वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर ही इस प्रॉपर्टी को चिन्हित कर अटैचमेंट की यह बड़ी कार्रवाई की गई है.

Advertisement

मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह सामने आया है कि ब्रिटिश नागरिक के रूप में रह रहे मौलाना शमशुल हुदा खान के तार पाकिस्तान के कई कट्टरपंथी और आतंकवादी संगठनों से जुड़े होने का अंदेशा है.

जांच एजेंसियों के मुताबिक, मौलाना को कई बार पाकिस्तानी आतंकी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकों में देखा गया है. अब ईडी और केंद्रीय एजेंसियां इस बात की भी गहनता से पड़ताल कर रही हैं कि सरकारी खजाने से ठगे गए इस पैसे का इस्तेमाल कहीं देश विरोधी गतिविधियों में तो नहीं किया जा रहा था.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »