उत्तर प्रदेश सरकार विधानसभा में अनुपूरक बजट पेश करने से पहले एक अहम कैबिनेट बैठक करने जा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में यह बैठक मुख्यमंत्री आवास पर होगी. सरकार के लिए यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसमें कई बड़े प्रस्तावों और महत्वपूर्ण अध्यादेशों को मंजूरी मिलने की संभावना है. कैबिनेट से मंजूर होने के बाद इन अध्यादेशों को विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा.
सरकार मंगलवार को विधानसभा में अनुपूरक बजट पेश करेगी. इससे पहले होने वाली कैबिनेट बैठक को सरकार के नीतिगत फैसलों और आगामी विकास योजनाओं के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है. माना जा रहा है कि इस बैठक के जरिए सरकार मौजूदा विधानसभा सत्र के लिए अपना विधायी और विकास एजेंडा स्पष्ट करेगी.
सरकारी सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा होगी. साथ ही कई अहम अध्यादेशों को भी मंजूरी मिल सकती है. इन अध्यादेशों को कैबिनेट की स्वीकृति मिलने के बाद विधानसभा में पेश किया जाएगा. सरकार का प्रयास है कि विकास से जुड़े फैसलों और प्रशासनिक योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाए.
मुख्यमंत्री आवास पर होगी कैबिनेट की अहम बैठक
सरकार इस बार 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट पेश कर सकती है. यह बजट राज्य के पहले से प्रस्तुत 9.12 लाख करोड़ रुपये के वार्षिक बजट के अतिरिक्त होगा. अनुपूरक बजट का उद्देश्य उन परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान करना है, जिन्हें आगे बढ़ाने के लिए अतिरिक्त धन की आवश्यकता है.
सरकार इस बजट के माध्यम से कई नई परियोजनाओं को गति देने की तैयारी में है. साथ ही पहले से चल रही योजनाओं को भी अतिरिक्त बजटीय सहायता देने की संभावना है. सूत्रों के अनुसार, अनुपूरक बजट में बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष जोर दिया जा सकता है. सरकार एक्सप्रेसवे परियोजनाओं, नए लिंक एक्सप्रेसवे, औद्योगिक विकास और धार्मिक पर्यटन से जुड़ी योजनाओं के लिए अतिरिक्त धन का प्रावधान कर सकती है.
अधूरी एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने और नई परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए भी अतिरिक्त बजटीय व्यवस्था किए जाने के संकेत हैं. सरकार का मानना है कि बेहतर सड़क संपर्क, औद्योगिक निवेश और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने से प्रदेश के विकास को गति मिलेगी.
अनुपूरक बजट को वर्ष 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है. माना जा रहा है कि सरकार अगले दो वर्षों में अपनी प्रमुख विकास परियोजनाओं को तेज गति से पूरा करने पर जोर दे सकती है. सरकार विकास कार्यों में तेजी लाकर अपने व्यापक विकास एजेंडे को आगे बढ़ाना चाहती है. अतिरिक्त बजटीय प्रावधान के माध्यम से उन परियोजनाओं को भी गति देने की तैयारी है, जिन्हें वित्तीय सहायता की आवश्यकता है.
सरकार के विकास एजेंडे को नई गति देने की तैयारी
मुख्यमंत्री आवास पर होने वाली कैबिनेट बैठक और उसके बाद विधानसभा में पेश होने वाला अनुपूरक बजट दोनों ही राज्य की आगामी विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं. सरकार का फोकस सड़क संपर्क मजबूत करने, औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने, धार्मिक पर्यटन को गति देने और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की प्रमुख परियोजनाओं को समय पर पूरा कराने पर रहेगा. इसके साथ ही कैबिनेट से मंजूर अध्यादेशों को भी विधानसभा में पेश किया जाएगा, ताकि मौजूदा सत्र के दौरान सरकार अपने विधायी और विकास एजेंडे को आगे बढ़ा सके.
आशीष श्रीवास्तव