उत्तर प्रदेश में देर रात 17 IAS अधिकारियों के तबादले हुए. सूची लंबी है, लेकिन सबसे ज्यादा ध्यान मुरादाबाद के मंडलायुक्त रहे आंजनेय कुमार सिंह पर गया. किसी अधिकारी का कार्यकाल एक-दो साल बढ़ना आम बात है, लेकिन सात बार एक्सटेंशन मिलने के बाद 8वीं बार सेवा विस्तार न मिलना आंजनेय सिंह के लिए यूपी से विदाई का कारण बन गया. अब वह अपने मूल कैडर लौटेंगे. उनकी जगह अलीगढ़ की मंडलायुक्त संगीता सिंह को मुरादाबाद की जिम्मेदारी दी गई है.
आंजनेय कुमार सिंह सिक्किम कैडर के अधिकारी हैं. रामपुर के जिलाधिकारी रहते उनका नाम पहली बार बड़े स्तर पर चर्चा में आया. उस समय आजम खान से जुड़े मामलों में प्रशासन ने कई कार्रवाई की थीं. जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन का मामला हो या चुनावी नियमों से जुड़े विवाद, इन घटनाओं के बीच आंजनेय सिंह लगातार खबरों में रहे.
फिर उनका तबादला हुआ, जिम्मेदारियां बदलीं, लेकिन उत्तर प्रदेश से उनका रिश्ता खत्म नहीं हुआ.
एक एक्सटेंशन, फिर दूसरा... सात तक पहुंची बात
आंजनेय सिंह लंबे समय से उत्तर प्रदेश में प्रतिनियुक्ति पर थे. उनका कार्यकाल खत्म होता रहा, मगर राज्य में उनकी जरूरत बनी रही. केंद्र से उन्हें एक के बाद एक सात बार सेवा विस्तार मिला. इसी दौरान वह मुरादाबाद मंडल के मंडलायुक्त की जिम्मेदारी संभालते रहे. हालांकि, इस बार कहानी आगे नहीं बढ़ी. 8वीं बार सेवा विस्तार को मंजूरी नहीं मिली. कार्यकाल पूरा होने के बाद वह छुट्टी पर चले गए थे. अब उन्हें मूल कैडर राज्य के लिए रिलीव कर दिया गया है. यानी उत्तर प्रदेश में उनकी लंबी पारी यहीं खत्म हो गई.
मुरादाबाद में अब संगीता सिंह
एक अधिकारी की विदाई हुई, तो दूसरे की नई जिम्मेदारी तय हो गई. अलीगढ़ की मंडलायुक्त संगीता सिंह अब मुरादाबाद की मंडलायुक्त होंगी. राजस्व परिषद, प्रयागराज में सदस्य (न्यायिक) सोम प्रकाश आर्य को अलीगढ़ भेजा गया है. इसके अलावा, मुरादाबाद में बदलाव इस पूरी सूची का सबसे बड़ा चेहरा है. मगर तबादलों की यह सूची सिर्फ एक मंडलायुक्त तक सीमित नहीं है.
कई बड़े विभागों में भी बदलाव
फेरबदल की यह आंच सिर्फ मंडलायुक्तों तक ही सीमित नहीं रही, शासन के कई अहम महकमों में भी कुर्सियां बदली हैं. गोरी शंकर प्रियदर्शी को आयुष विभाग के महानिदेशक पद के साथ राष्ट्रीय आयुष मिशन का जिम्मा सौंपा गया है. वहीं, दीपा चौधरी को राजस्व परिषद में प्रशासनिक सदस्य बनाकर भेजा गया है, तो प्रमोद कुमार उपाध्याय अब ग्राम्य विकास आयुक्त की कमान संभालेंगे.
बात अगर जल निगम और शहरी विकास की करें, तो यहां भी समीकरण बदले हैं. मासूम अली सरवर को जल निगम (नगरीय) के प्रबंध निदेशक के साथ-साथ अमृत योजना की भी जिम्मेदारी मिली है. दूसरी तरफ, डॉ. राज शेखर को नियोजन विभाग के सचिव पद पर तैनात किया गया है, जबकि योगेश कुमार को जल निगम (ग्रामीण) का नया प्रबंध निदेशक बनाया गया है.
सहकारिता और अन्य संस्थानों में भी नए चेहरे सामने आए हैं. कुमार प्रशांत को सहकारिता विभाग का आयुक्त और निबंधक बनाया गया है, तो गुरुत्ता श्रीनिवासुलु अब राज्य सूचना आयोग के सचिव की जिम्मेदारी निभाएंगे. इसके अलावा अमृत पाल कौर को उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल्स संघ में संयुक्त प्रबंध निदेशक का दायित्व सौंपा गया है. इसके अलावा कई दूसरे अधिकारियों के विभाग भी बदले गए हैं.
तबादले की पूरी सूची इस प्रकार है:
तीन दिन पहले पुलिस में भी बड़ा बदलाव हुआ था
दिलचस्प बात यह है कि प्रशासनिक फेरबदल से ठीक तीन दिन पहले पुलिस विभाग में भी बड़ा बदलाव हुआ था. 21 अगस्त की देर रात 9 IPS अधिकारियों के तबादले किए गए थे. इसमें सात जिलों के SP-SSP बदले गए थे.
संभल के SP केके बिश्नोई को बिजनौर भेजा गया था. उनकी जगह विकास चंद्र त्रिपाठी को संभल की जिम्मेदारी मिली. मेरठ, झांसी, सुल्तानपुर, गोंडा और बलरामपुर में भी पुलिस अधिकारियों की नई तैनाती हुई थी.
अब IAS अधिकारियों की नई सूची सामने आई है. एक तरफ जिलों की पुलिस व्यवस्था में बदलाव हुआ, दूसरी तरफ प्रशासनिक ढांचे में भी कई जिम्मेदारियां बदल गईं. सबसे ज्यादा नजर हालांकि मुरादाबाद पर है, जहां सात एक्सटेंशन के बाद आंजनेय कुमार सिंह की लंबी पारी खत्म हो गई है.
संतोष शर्मा