पूरे दिन नजरबंद रहने के बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय मंगलवार रात अयोध्या पहुंचे और पहले हनुमानगढ़ी, फिर रामलला के दर्शन किए. दर्शन के बाद उन्होंने कहा कि प्रशासन ने उन्हें कृषि विद्यालय में पूरे दिन नजरबंद रखा था, लेकिन इसके बावजूद वे अपने धार्मिक कार्यक्रम को पूरा करने में सफल रहे.
मीडिया से बातचीत में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, 'भगवान राम और बजरंगबली का आशीर्वाद है. जब प्रभु का आशीर्वाद है तो कोई शासन या सत्ता मुझे नहीं रोक सकती. हम दर्शन करने आए थे और प्रभु का आशीर्वाद लेकर जा रहे हैं.'
उन्होंने आरोप लगाया कि उनका कार्यक्रम पूरी तरह धार्मिक था, लेकिन राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश की. उनके मुताबिक, उनका उद्देश्य केवल हनुमानगढ़ी और रामलला के दर्शन करना था, जबकि प्रशासन ने अनावश्यक रूप से पूरे कार्यक्रम को विवाद का विषय बना दिया.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने राम मंदिर के कथित चढ़ावा गबन मामले का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि जिन लोगों के नाम इस मामले में सामने आए हैं, उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए जेल भेजा जाना चाहिए.
इस दौरान उन्होंने नृपेंद्र मिश्रा, चंपत राय, गोविंद गिरी और अनिल मिश्रा समेत कई लोगों के नाम लिए. हालांकि, कांग्रेस नेता द्वारा लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. संबंधित पक्षों की ओर से इस पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
मयंक शुक्ला