यूनेस्को की विश्व धरोहर ताजमहल एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है. ताजमहल घूमने आई दक्षिण कोरिया की एक महिला पर्यटक पर बंदर ने हमला कर दिया. इस हमले में महिला के हाथ में गंभीर चोट आई और खून बहने लगा. घटना के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी एएसआई की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और एंबुलेंस को सूचना दी गई, लेकिन करीब एक घंटे तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची. इस दौरान घायल महिला इलाज का इंतजार करती रही.
जानकारी के मुताबिक यह घटना ताजमहल के पूर्वी गेट के बाहर हुई. बंदर के हमले में घायल हुई दक्षिण कोरियाई महिला पर्यटक को पहले नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उसे प्राथमिक उपचार दिया गया. इसके बाद बैटरी कार की मदद से उसे एक निजी अस्पताल भेजा गया, ताकि आगे का इलाज कराया जा सके. इस घटना ने विश्व प्रसिद्ध स्मारक ताजमहल में पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. हर दिन हजारों भारतीय और विदेशी पर्यटक ताजमहल देखने आते हैं.
प्राथमिक उपचार के बाद निजी अस्पताल भेजी गई घायल पर्यटक
ऐसे में एक विदेशी पर्यटक पर बंदर का हमला और उसके बाद समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं होना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है. इसी बीच ताजमहल के सेंट्रल टैंक का एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में कई बंदर टैंक के पानी में अटखेलियां करते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो से यह भी साफ नजर आता है कि ताजमहल परिसर और उसके आसपास बंदरों की संख्या लगातार बढ़ रही है. ताजमहल के वरिष्ठ संरक्षण सहायक कलंदर ने फोन पर जानकारी देते हुए बताया कि जैसे ही दक्षिण कोरिया की पर्यटक पर बंदर के हमले की सूचना मिली, एएसआई की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई थी.
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस को तत्काल बुलाया गया, लेकिन एंबुलेंस चालक करीब एक घंटे तक मौके पर नहीं पहुंचा. कलंदर ने कहा कि एंबुलेंस चालक की इस लापरवाही को गंभीरता से लिया गया है. उन्होंने बताया कि चालक के खिलाफ रिपोर्ट तैयार कर मुख्य चिकित्सा अधिकारी यानी सीएमओ को कार्रवाई के लिए भेज दी गई है. साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि ताजमहल परिसर और उसके आसपास बंदरों तथा आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को लेकर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण करीब एक महीने पहले ही आगरा नगर निगम को पत्र लिख चुका है.
पर्यटकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
पत्र में बंदरों और आवारा कुत्तों को पकड़ने की मांग की गई थी, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है. ताजमहल देश के सबसे प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है और इसे देखने के लिए हर दिन बड़ी संख्या में देश और विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं. ऐसे में विदेशी पर्यटक पर बंदर का हमला और उसके बाद समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिलना सिर्फ स्थानीय व्यवस्था पर ही नहीं, बल्कि देश की पर्यटन छवि पर भी असर डालने वाला मामला माना जा रहा है. फिलहाल इस घटना के बाद बंदरों के बढ़ते आतंक, पर्यटकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं. अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और ताजमहल आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या व्यवस्था की जाती है.
अरविंद शर्मा