यूपी के शामली में धर्म परिवर्तन के बाद आयुष मालिक से मोहम्मद अली बनने के बाद युवक फिर आयुष बन गया है. वो अब घर वापसी कर चुका है. उसने दोबारा सनातन धर्म अपना लिया है. इस बीच जांच में कई अहम खुलासे हुए हैं. सामने आया है कि जब पुलिस को जानकारी मिली थी कि आयुष मालिक मोहम्मद अली बन गया, तब उसके घर पर पुलिस ने सर्च किया था.
धर्मांतरण के बाद पूरी तरह बदल गया था आयुष
आयुष के घर सर्च के दौरान पुलिस टीम ने एक बड़ा चाकू बरामद किया था. साथ ही एक डायरी भी मिली थी. जिसमें लिखा था... आई एम ऑन मिशन (I Am On Mission). करीब 20 दिन पहले आजतक पर मोहम्मद अली बने आयुष की रिपोर्ट की गई थी. EXCLUSIVE रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि कैसे आयुष मलिक का धर्मांतरण कराया गया, उसे मोहम्मद अली बना दिया गया. इस बात का भी खुलासा हुआ था कि कैसे धर्मांतरण के बाद उसका निकाह रचा दिया गया.
हालांकि अब वो मोहम्मद अली से दोबारा आयुष मलिक बन चुका है. इस बार बकरीद पर मस्जिद जाकर नमाज पढ़ने वाला अली, अब फिर से आयुष मलिक बनकर घर वापसी कर ली है और पूजा-पाठ में मगन है. आयुष ने बताया कि ब्रेनवॉश और धर्मांतरण के बाद वह पूरी तरह बदल गया था. या यूं कहें कि बदलने पर मजबूर कर दिया गया था. लेकिन वो ज्यादा देर तक मजहबी बहकावे में नहीं रह सका. उसने अपने धर्म के प्रति मन को बदल लिया है और परिवार के प्रेम को देखकर हिंदू धर्म अपना लिया है. अब वो सिर्फ अपने परिवार के प्रेम के छांव में रहना चाहता है.
100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति का वारिश है आयुष
शामली के रहने वाले देवराज मलिक अपने बेटे आयुष के धर्मांतरण के बाद से परेशान थे. उन्होंने कई बार अपने बेटे के मजहब को बदलने का विरोध किया था. लेकिन शामली के रहने वाले मुस्लिम परिवार की साजिशों के चंगुल में फंसकर वो खुद को बदल चुका था. शहर में उसका मेडिसिन स्टोर है. मलिक परिवार की 100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है. जिसका इकलौता वारिस आयुष मलिक है.
मौलवी की तरफ से उसी संपत्ति को हड़पने की साजिश थी. पहले उसे चांदनी कुरैशी नाम की लड़की ने प्यार के जाल में फंसाया था. बाद में उसका ब्रेन वॉश किया गया और धर्मांतरण करा लिया गया. हालांकि
धर्मांतरण के बाद कई बार आयुष को समझाने की कोशिश की गई थी. परिजनों के साथ-साथ पुलिस ने भी पहल की थी. लेकिन आयुष दलील देता रहा था कि उस पर किसी का दबाव नहीं था.
पिता ने धर्मांतरण के खिलाफ दर्ज करवाई थी FIR
लेकिन कहावत है कि देर आए.. दुरूस्त आए. आयुष मालिक के लौट आने के बाद से पिता देवराज मालिक भावुक हैं. उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है. उनका बेटा अब उनके साथ है. आयुष के धर्मांतरण के खिलाफ उनके परिवार ने FIR दर्ज कराई थी. उस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चांदनी कुरैशी और उसके पिता को गिरफ्तार किया था.
अरविंद ओझा