खुद पर गोली चलवाकर प्रधान को फंसाने की थी साजिश, CDR और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों ने खोली पोल

एटा में गोली लगने की एक घटना की जांच के दौरान पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक एक महिला ने अपने विरोधी ग्राम प्रधान को झूठे मुकदमे में फंसाने के लिए खुद को गोली लगवाने की साजिश रची थी. मामले में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. तकनीकी साक्ष्यों और जांच के आधार पर पूरी साजिश सामने आई.

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फर्जी गोलीकांड का खुलासा. (Photo: Screengrab) फर्जी गोलीकांड का खुलासा. (Photo: Screengrab)

देवेश पाल सिंह

  • एटा ,
  • 18 जून 2026,
  • अपडेटेड 4:10 PM IST

उत्तर प्रदेश के एटा जिले में सामने आए एक कथित गोलीकांड की कहानी पुलिस जांच में पूरी तरह बदल गई. जिस घटना को शुरुआत में विरोधियों द्वारा हमला बताकर प्रचारित किया गया था, वह पुलिस की जांच में एक सुनियोजित साजिश निकली. पुलिस का दावा है कि एक महिला ने अपने विरोधी ग्राम प्रधान को फंसाने और उसकी छवि खराब करने के लिए खुद को गोली लगवाने की योजना बनाई थी. मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.

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यह मामला एटा जनपद के थाना जसरथपुर क्षेत्र का है. यहां रहने वाली साधना मिश्रा ने खुद को गोली लगने की घटना को विरोधी पक्ष की साजिश बताते हुए ग्राम प्रधान बल्लू और उसके साले गुलबहार पर आरोप लगाए थे. घटना के बाद मामला काफी चर्चा में आ गया था और विरोधी पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे थे.

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की. शुरुआती जांच के दौरान ही कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिनसे पुलिस को घटना पर संदेह हुआ. इसके बाद मामले की गहन विवेचना की गई. पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और अन्य तथ्यों की बारीकी से जांच की. जांच के दौरान कई विसंगतियां सामने आईं, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया.

गोली मारकर विरोधियों को फंसाने का प्लान फेल

पुलिस जांच में पता चला कि साधना मिश्रा का नदराला गांव के प्रधान बल्लू से लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था. वहीं हिस्ट्रीशीटर अब्दुल रब और इश्तियाक की भी प्रधान बल्लू से पुरानी प्रधानी की रंजिश थी. पुलिस के अनुसार इसी दुश्मनी के चलते तीनों ने मिलकर एक सुनियोजित षड्यंत्र रचा.

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जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी सीडीआर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को खंगाला. तकनीकी जांच के दौरान मिले सबूतों ने पूरे मामले की परतें खोल दीं. पुलिस को ऐसे प्रमाण मिले, जिनसे यह स्पष्ट हो गया कि घटना का उद्देश्य विरोधियों को झूठे मुकदमे में फंसाना था.

पुलिस के मुताबिक महिला ने विरोधी पक्ष को कानूनी परेशानी में डालने और उनकी सामाजिक छवि खराब करने के इरादे से खुद को गोली लगवाने की योजना बनाई थी. जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने मामले में शामिल आरोपी अब्दुल रब और इश्तियाक को गिरफ्तार कर लिया. दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया.

CDR और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों ने खोली पोल

एटा पुलिस के इस खुलासे ने पूरे मामले की दिशा बदल दी है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि निष्पक्ष विवेचना, तकनीकी साक्ष्यों और वैज्ञानिक जांच के आधार पर इस साजिश का पर्दाफाश किया गया है. पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है.

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