उत्तर प्रदेश के संभल जिले के सभी आठ ब्लॉकों में 25 से 27 सितंबर के बीच भारी बारिश के दौरान बीबीजी राम जी (मनरेगा) योजना के तहत 5,587 मजदूरों की फर्जी हाजिरी NMMS पोर्टल पर दर्ज की गई. मूसलाधार बारिश से सड़कों के जलमग्न होने और जनजीवन अस्त-व्यस्त रहने के बावजूद यह उपस्थिति दिखाकर करीब 16 लाख रुपये का फर्जीवाड़ा किया गया. 'आजतक' की टीम द्वारा फर्जीवाड़े पर सवाल उठाने पर डीसी मनरेगा राम आशीष ने पक्के कामों और प्लांटेशन का हवाला देकर जांच की बात कही है.
तीन दिनों में मूसलाधार बारिश के बीच लगी हाजिरी
संभल जिले में 25 से 27 सितंबर तक हुई भारी बारिश से खेतों की फसलें गिर गईं और लोग घरों में कैद हो गए. इसके बावजूद 25 सितंबर को आठ ब्लॉकों में 3,209 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की गई. वहीं 26 सितंबर को असमोली, बहजोई, बनियाखेड़ा, गुन्नौर, जुनावई, रजपुरा और संभल ब्लॉक में 756 हाजिरी लगी, जबकि 27 सितंबर को 1,622 मजदूरों को पोर्टल पर उपस्थित दिखाया गया.
अधिकारी ने पूर्वांचल से पश्चिमांचल की बारिश का दिया गणित
फर्जीवाड़ा उजागर होने पर डीसी मनरेगा राम आशीष ने सफाई दी कि पूर्वांचल में 25 सितंबर से बारिश थी, लेकिन संभल में 25 की शाम से बारिश शुरू हुई. उनके मुताबिक 26 और 27 सितंबर को 90 से ज्यादा मस्टररोल जीरो अटेंडेंस दर्ज हुए थे. पोर्टल डेटा के अनुसार 26 सितंबर को 55 और 27 सितंबर को 90 काम जारी थे.
बारिश में पक्के काम और प्लांटेशन का दिया तर्क
डीसी मनरेगा ने बताया कि बारिश के दौरान आंगनबाड़ी, अन्नपूर्णा भवन के अंदर पक्के काम और 1,389 साइट्स पर प्लांटेशन का काम संभव था. शिकायत मिलने पर तालाब के कामों की जांच की जा रही है. उन्होंने आश्वस्त किया कि संबंधित ब्लॉकों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है और किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
अभिनव माथुर