वाराणसी के रामनगर की विश्व प्रसिद्ध रामलीला से जुड़े राजपरिवार के बेड़े का एक हाथी बेकाबू हो गया. हाथी ने पंचवटी-लंका मार्ग पर करीब सात घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल बनाए रखा. इस दौरान उसने कई बिजली के खंभों, दोपहिया वाहनों और घरों को निशाना बनाया. हाथी को काबू करने की कोशिश में एक महावत घायल हो गया. घटना के बाद इलाके में लोगों के बीच डर का माहौल है. हाथी के बेकाबू होने की सूचना मिलते ही पुलिस, वन विभाग और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गईं. हाथी को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है. स्थिति को देखते हुए पंचवटी मैदान और आसपास के इलाके में आवागमन रोक दिया गया है. लोगों को घटनास्थल से दूर रहने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की हिदायत दी गई है.
जानकारी के मुताबिक, रामनगर के पंचवटी स्थित पंपा पोखरा में हाथी नहाने गया था. बताया जा रहा है कि गर्मी के कारण हाथी बेकाबू हो गया. उस समय महावत उसे लेकर जा रहा था. अचानक हाथी के भड़कने के बाद महावत ने उसे नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो पाया. हाथी को काबू करने के दौरान एक महावत घायल हो गया. उसे आनन-फानन में बीएचयू के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज कराया जा रहा है. हाथी के लगातार बेकाबू रहने से आसपास के लोगों की चिंता बढ़ गई.
सात घंटे से जारी है हाथी को काबू करने की कोशिश
पंचवटी-लंका मार्ग पर हाथी के बेकाबू होने के बाद स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने क्षेत्र में लोगों की आवाजाही रोक दी. पंचवटी मैदान और आसपास के इलाकों में लोगों को जाने से मना किया गया है. प्रशासन की ओर से लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की हिदायत दी जा रही है. पुलिस और वन विभाग की टीमें हाथी को नियंत्रित करने की कोशिश में जुटी हैं. एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची है. हाथी के बेकाबू रहने के कारण स्थानीय लोगों में भय का माहौल बना हुआ है.
अधिकारियों और संबंधित टीमों की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है. घटना के दौरान हाथी ने रास्ते में आने वाले बिजली के कई खंभों, दोपहिया वाहनों और घरों को नुकसान पहुंचाया. हाथी के आसपास मौजूद लोगों के लिए खतरा देखते हुए इलाके में आवागमन रोकना पड़ा. स्थानीय लोगों से घटनास्थल की ओर नहीं जाने और सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की गई है.
स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह हाथी एक दिन पहले रामलीला के दौरान भी बिदक गया था. उस समय हाथी पर राजपरिवार के कुंवर अनंत नारायण सिंह के पुत्र राजकुमार बैठे हुए थे. बताया जाता है कि हाथी करीब 15 से 20 मिनट तक बेकाबू रहा. हालांकि, स्थिति बिगड़ने से पहले ही राजकुमार को हाथी से उतार लिया गया था. इसके बाद हाथी को नियंत्रित कर लिया गया. इस तरह उस समय एक बड़ी अनहोनी टल गई थी. अब एक बार फिर हाथी के बेकाबू होने से रामनगर में चिंता का माहौल है.
पुलिस और वन विभाग की टीमें मौके पर तैनात
हाथी को काबू में करने के लिए पुलिस और वन विभाग की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं. एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर मौजूद है. एहतियात के तौर पर आसपास के रास्तों पर आवाजाही रोकी गई है, ताकि लोग हाथी के करीब न पहुंचें. फिलहाल हाथी को नियंत्रित करने की कोशिश जारी है. स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे घटनास्थल से दूर रहें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें. हाथी के बेकाबू होने से इलाके में बने तनावपूर्ण माहौल के बीच सभी की नजर उसे सुरक्षित तरीके से काबू करने की कोशिश पर टिकी है.
सुरेंद्र कुमार गुप्ता