राम मंदिर ट्रस्ट की 22 जुलाई को बड़ी बैठक, चढ़ावे की SIT रिपोर्ट से लेकर समितियों में बदलाव तक... किन मुद्दों पर होगी चर्चा?

अयोध्या में 22 जुलाई को शाम 4 बजे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक होने जा रही है. यह बैठक मणिराम दास छावनी में होगी. इस दौरान राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच कर रही एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट (अगर प्राप्त होती है) पर चर्चा की जाएगी. बैठक के एजेंडे और लिए जाने वाले फैसलों पर सभी की नजरें हैं.

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ट्रस्ट में बदलाव पर होगी बैठक में चर्चा. (File Photo: PTI) ट्रस्ट में बदलाव पर होगी बैठक में चर्चा. (File Photo: PTI)

आशीष श्रीवास्तव

  • अयोध्या,
  • 19 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 8:50 AM IST

अयोध्या में 22 जुलाई को राम मंदिर ट्रस्ट की एक अहम बैठक होनी है. शाम 4 बजे मणिराम दास छावनी में इस बैठक का आयोजन होगा, जिस पर सभी की नजरें हैं. इस बैठक के एजेंडे में ऐसे कई मुद्दे हैं, जिनका सीधा संबंध राम मंदिर के कामकाज और उसके प्रबंधन से है.

आजतक को मिली ट्रस्ट की आधिकारिक सूचना के मुताबिक, बैठक की शुरुआत पिछली बैठकों की कार्यवाही की पुष्टि से होगी. सबसे पहले 6 जुलाई 2026 को हुई ट्रस्ट बैठक के फैसलों पर मुहर लगेगी. इसके बाद 22 जुलाई को दोपहर 3 बजे प्रस्तावित विशेष बैठक की कार्यवाही की भी पुष्टि की जाएगी.

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बैठक में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अलग-अलग समितियों के पुनर्गठन पर फैसला लिया जाएगा. ट्रस्ट की जिन समितियों के जिम्मे अलग-अलग काम हैं, उनकी नई संरचना और जिम्मेदारियों पर चर्चा होगी. जरूरत पड़ी तो कुछ बदलाव भी किए जा सकते हैं.

बैठक का एक और अहम मुद्दा राम मंदिर चढ़ावा मामला है. पिछले कुछ समय से इस मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है. अगर बैठक तक एसआईटी अपनी अंतिम रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप देती है, तो उस पर भी विस्तार से चर्चा होगी. रिपोर्ट में क्या सामने आता है और ट्रस्ट उस पर क्या फैसला लेता है, इस पर सभी की नजर रहेगी.

इसके अलावा बैठक में अध्यक्ष की अनुमति से दूसरे अहम मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है. यानी अगर कोई नया विषय सामने आता है या किसी फैसले की जरूरत महसूस होती है, तो उसे भी बैठक में शामिल किया जा सकता है.

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बैठक की सूचना ट्रस्ट के महासचिव कृष्ण मोहन की ओर से जारी की गई है. उन्होंने ट्रस्ट के सभी सदस्यों से तय समय पर बैठक में मौजूद रहने को कहा है.

यह भी पढ़ें: राम मंदिर चंदा चोरी: सुप्रीम कोर्ट पहुंचा निर्मोही अखाड़ा, 2019 के फैसले की अनदेखी का आरोप

राम मंदिर के उद्घाटन के बाद अब ट्रस्ट की जिम्मेदारी सिर्फ मंदिर के संचालन तक सीमित नहीं है. श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या, मंदिर की व्यवस्थाएं, वित्तीय प्रबंधन और अलग-अलग समितियों की भूमिका जैसे कई मुद्दे लगातार चर्चा में रहते हैं. ऐसे में हर ट्रस्ट बैठक को अहम माना जाता है.

22 जुलाई की बैठक भी इसलिए खास है, क्योंकि इसमें प्रशासनिक फैसलों के साथ-साथ चढ़ावा मामले की जांच रिपोर्ट पर भी चर्चा संभव है. अगर एसआईटी की रिपोर्ट बैठक से पहले ट्रस्ट तक पहुंचती है, तो आगे की कार्रवाई की दिशा भी यहीं से तय हो सकती है. बैठक के बाद यह साफ हो सकेगा कि ट्रस्ट किन मुद्दों पर क्या फैसला लेता है और आने वाले दिनों में राम मंदिर के प्रबंधन में क्या बदलाव देखने को मिल सकते हैं.

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