अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला लगातार नए खुलासों के साथ चर्चा में बना हुआ है. इस मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी अविनाश शुक्लाा पहले से ही जेल में बंद है, लेकिन अब जांच की दिशा एक नए वायरल वीडियो ने बदल दी है. सोशल मीडिया पर सामने आए इस वीडियो में अविनाश के भाई अमित शुक्ल को हाथ में नकदी की गड्डियां लिए देखा जा सकता है. वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने इसे भी अपनी जांच का हिस्सा बना लिया है और अब यह पता लगाया जाएगा कि वीडियो में दिखाई दे रही रकम का स्रोत क्या है और उसका इस मामले से कोई संबंध है या नहीं.
प्राइमरी टीचर है अविनाश का भाई अमित
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, अविनाश शुक्ला प्रतापगढ़ जिले के महेशगंज थाना क्षेत्र के नारियावा बाबूपुर गांव का रहने वाला है. बताया जा रहा है कि वह साल 2025 में अयोध्या आया था. उसका बड़ा भाई अभिषेक शुक्ल साल 2021 से अयोध्या के एक प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक के पद पर कार्यरत है और अविनाश उसी के पास रह रहा था. इसी दौरान वह राम मंदिर से जुड़े कार्यों के संपर्क में आया.
अमित के हाथ में नोटों की गड्डियां
इस बीच सोशल मीडिया पर अमित शुक्ल का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. बताया जा रहा है कि यह वीडियो अगस्त 2025 में एक सोशल मीडिया रील के रूप में अपलोड किया गया था. वीडियो में अमित के हाथ में नकदी की कई गड्डियां दिखाई दे रही हैं. वीडियो के वायरल होने के बाद जांच एजेंसियों ने इसे गंभीरता से लिया है और इसकी सत्यता की पुष्टि करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
सूत्रों का कहना है कि पुलिस यह भी जांच करेगी कि वीडियो कब और किन परिस्थितियों में बनाया गया था. इसके अलावा वीडियो में दिखाई दे रही नकदी का स्रोत क्या है और क्या उसका किसी आपराधिक गतिविधि या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले से कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध है. यदि जांच के दौरान जरूरत पड़ी तो अमित शुक्ला से भी पूछताछ की जा सकती है. दूसरी ओर, मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला जेल में बंद है और राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है. सोशल मीडिया पर सामने आ रही नई जानकारियों के कारण यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है.
दोनों भाइयों के पास मिला था 5 लाख कैश
बता दें कि अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ल प्रतापगढ़ का निवासी है और वह अयोध्या के कौशलपुरी स्थित एक प्रसिद्ध योग केंद्र में अपने बड़े भाई अभिषेक के साथ रह रहा था. 5 जून को चोरी का खुलासा होने के बाद पुलिस ने योग केंद्र में छापेमारी की, जहां से करीब 5 लाख रुपये नकद बरामद किए गए.
जांच के दौरान योग केंद्र से एक रहस्यमयी बक्सा भी मिला, जिस पर 'राम राज्य कोश' और 'राम राज्य प्रशासन' लिखा हुआ था. बक्से पर Paytm का क्यूआर कोड भी लगा मिला, जिसे लेकर पुलिस अलग से जांच कर रही है. घटना सामने आने के लगभग 12 घंटे के भीतर योग केंद्र से जुड़े साधकों और योगाभ्यासियों ने दोनों भाइयों को वहां से बाहर कर उनके कमरे पर ताला लगा दिया.
'अमित के पास सालभर पहले ही आया था अविनाश'
योगाचार्य सीमा तिवारी के मुताबिक, अभिषेक पिछले करीब दस वर्षों से इस योग केंद्र में रह रहा था. बाद में वह अपने छोटे भाई अविनाश को भी अपने साथ ले आया. उनका कहना है कि अविनाश का व्यवहार शुरू से ही संदिग्ध प्रतीत होता था. घटना के बाद स्थानीय लोगों और योग केंद्र से जुड़े साधकों में भारी नाराजगी है और वे आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
यह पूरा मामला तब उजागर हुआ, जब सीसीटीवी फुटेज की जांच और चढ़ावे की गिनती के दौरान अनियमितताएं सामने आईं. इसके बाद मंदिर ट्रस्ट की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सुरक्षाकर्मी समेत उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस का दावा है कि आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई नकदी और अन्य कीमती सामान भी बरामद कर लिया गया है. इस घटना के बाद राम जन्मभूमि परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और चढ़ावे के ऑडिट सिस्टम को पहले से अधिक सख्त कर दिया गया है.
सिमर चावला