उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की एक विशेष पोक्सो कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. कोर्ट ने चार साल की मासूम बच्ची के साथ रेप और बेरहमी से हत्या के मामले में दोषी को फांसी की सजा सुनाई है. विशेष जज विनोद कुमार चौरसिया ने आदेश दिया कि गगन कुमार को तब तक फांसी पर लटकाया जाए, जब तक कि उसकी मौत न हो जाए.
कोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए गगन कुमार को बच्ची की हत्या और रेप, दोनों ही अलग-अलग मामलों में मौत की सजा सुनाई है. इसके साथ ही दोषी पर कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों धाराओं में 25-25 हजार रुपए का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना अदा नहीं करने पर एक-एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा.
मासूम बच्ची के परिवार को संबल देने के लिए पोक्सो कोर्ट ने एक और महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है. कोर्ट ने प्रशासन को सख्त आदेश दिया है कि बच्ची के पीड़ित परिवार को 10 दिन के अंदर 2 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए. इस पूरे मामले की शुरुआत साल 2020 में हुई थी. 12 जून 2020 को आरोपी 4 साल की बच्ची को बहलाकर अपने साथ ले गया.
इसके बाद उसने बच्ची के साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया और फिर पकड़े जाने के डर से उसकी हत्या कर दी. 13 जून 2020 को बच्ची के लाचार पिता ने प्रयागराज के हंडिया थाने में इस जघन्य अपराध के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराई थी. इस मामले की गंभीरता देखते हुए पुलिस ने तफ्तीश तेज कर दी. कुछ ही दिनों में केस में खुलासा कर दिया.
पुलिस ने 2 जुलाई 2020 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी. इसके बाद प्रक्रिया आगे बढ़ी और कोर्ट ने 10 नवंबर 2021 को आरोपी गगन कुमार पर संबंधित धाराओं के तहत चार्ज फ्रेम किया था. इस मामले के ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कोर्ट में कुल 13 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए. इसके आधार पर 22 जून 2026 को दोषी सिद्धि हुई.
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