4 साल से भीख मांगकर पोतों को पाल रही थीं तारा बेगम: खबर मिलते ही घर पहुंचे पीलीभीत DM, ऑन द स्पॉट बिजली, राशन और पेंशन कराई चालू!

UP News: भीख मांगकर अपने दो अनाथ पोतों को पालने वाली बुजुर्ग तारा बेगम के घर खुद पीलीभीत के DM ज्ञानेंद्र सिंह पहुंचे. DM ने मौके पर ही बिजली कनेक्शन कराया, राशन दिया और दोनों बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत 2500-2500 रुपये प्रतिमाह की सहायता से जोड़ा.

Advertisement
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना बनी अनाथ बच्चों का सहारा.(Photo:ITG) मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना बनी अनाथ बच्चों का सहारा.(Photo:ITG)

सौरभ पांडे

  • पीलीभीत ,
  • 25 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:35 PM IST

उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना अब अनाथ और निराश्रित बच्चों के लिए एक बड़ा संबल बनकर उभर रही है. पीलीभीत जिले में प्रशासनिक संवेदनशीलता की एक ऐसी ही मानवीय मिसाल देखने को मिली है, जहां जिला प्रशासन की टीम अनाथ बच्चों को घर-घर जाकर चिन्हित कर सरकारी योजनाओं से जोड़ रही है.

ताजा मामला पीलीभीत के चिड़ियादाह गांव का है, जहां रहने वाली बुजुर्ग तारा बेगम पिछले चार सालों से अपने दो मासूम पोतों का पालन-पोषण भीख मांगकर करने को मजबूर थीं. वर्षों तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने के बावजूद जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो वे अपनी व्यथा लेकर DM ज्ञानेंद्र सिंह के पास पहुंचीं. इसके बाद डीएम ने जो कदम उठाया, उसने इस गरीब परिवार की जिंदगी बदल दी.

Advertisement

जर्जर मकान, बीमार बेटा और बहू का त्याग
तारा बेगम के बेटे की करीब 4 साल पहले टीबी (TB) की बीमारी के कारण मृत्यु हो गई थी. इसके बाद उनकी बहू दोनों छोटे बच्चों को छोड़कर कहीं चली गई और वापस नहीं लौटी. बिना किसी आय के साधन के तारा बेगम लोगों से मांगकर मासूम पोतों का पेट पाल रही थीं.

मृत्यु प्रमाण पत्र, बिजली कनेक्शन और बच्चों के जरूरी कागजात बनवाने के लिए वे अफसरों की चौखट पर भटकती रहीं, लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लगी. आखिरकार उन्होंने सीधे जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह के कार्यालय जाकर अपनी आपबीती सुनाई. 

ऑन-द-स्पॉट राशन, बिजली कनेक्शन और प्रमाण पत्र जारी
तारा बेगम की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह स्वयं संबंधित विभागीय अधिकारियों की टीम के साथ चिड़ियादाह स्थित उनके जर्जर मकान पहुंचे.

Advertisement

DM के निर्देश पर तत्काल घर में बिजली का कनेक्शन लगाया गया, जिससे अब दोनों मासूम बच्चे पंखे की हवा में सो पा रहे हैं. इसके साथ ही मौके पर ही बेटे का मृत्यु प्रमाण पत्र, पोतों का जन्म प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र तैयार कराया गया और राशन की उपलब्धता सुनिश्चित कराई गई.

तारा बेगम ने आपबीती में कहा, "मेरा बेटा 4 साल पहले टीबी से खत्म हो गया था, बहू भी छोड़कर चली गई. हम भीख मांगकर बच्चों को पाल रहे थे. जब हमने अपनी फरियाद जिलाधिकारी से की, तो वे खुद हमारे घर आए. हमें ₹5000 दिए, राशन की व्यवस्था कराई और बिजली का कनेक्शन तुरंत कराया. अब दोनों बच्चों को ₹2500-2500 महीना मिलेगा."

720 ग्राम पंचायतों में अभियान: DM 
केवल चिड़ियादाह ही नहीं, बल्कि पूरनपुर क्षेत्र के राजपुर महराजपुर गांव के अनाथ हुए तीन भाई-बहनों को भी डीएम कार्यालय बुलाकर तत्काल राशन और योजना से जोड़ा गया.

CM ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया, ''मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत माता-पिता या दोनों में से किसी एक की मृत्यु होने पर बच्चों को 2500 रुपये प्रति माह की सहायता 18 वर्ष की आयु या ग्रेजुएशन पूरी होने तक दी जाती है. जनपद की सभी 720 ग्राम पंचायतों और नगरपालिकाओं के SDM और BDO को ऐसे बच्चों को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं. वर्तमान में 2,100 बच्चों को यह लाभ मिल रहा है और जल्द ही 1000 और बच्चों को इससे जोड़ा जाएगा."

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »