सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद मुजफ्फरनगर में हाई अलर्ट, जुमे की नमाज से पहले पुलिस का फ्लैग मार्च

यूपी के सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद पहले जुमे की नमाज को लेकर मुजफ्फरनगर पुलिस अलर्ट मोड पर है. गुरुवार शाम पुलिस अधिकारियों ने भारी पुलिस बल के साथ शहर के व्यस्त बाजारों और संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च किया. ड्रोन कैमरों से निगरानी के साथ सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखी जा रही है.

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ड्रोन कैमरों के जरिए भी की जा रही शहर में निगरानी. (Photo: Screengrab) ड्रोन कैमरों के जरिए भी की जा रही शहर में निगरानी. (Photo: Screengrab)

संदीप सैनी

  • मुजफ्फरनगर,
  • 11 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 9:49 AM IST

सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पुलिस सतर्क है. जुमे की नमाज से एक दिन पहले गुरुवार शाम मुजफ्फरनगर पुलिस भी अलर्ट मोड पर नजर आई. जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ शहर के व्यस्त बाजारों और संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च किया.

इस दौरान पुलिस ने लोगों के बीच सुरक्षा और शांति का संदेश दिया. पुलिस की तैयारियों में ड्रोन कैमरों से निगरानी भी शामिल रही. अधिकारियों के मुताबिक, कानून-व्यवस्था पर असर डालने की किसी भी कोशिश पर नजर रखी जा रही है और सोशल मीडिया की भी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है.

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सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद जुमे की नमाज को देखते हुए मुजफ्फरनगर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरती. गुरुवार शाम जिले के आला अधिकारी सड़क पर उतरे. पुलिस बल के साथ शहर के प्रमुख बाजारों और संवेदनशील इलाकों में पैदल मार्च और फ्लैग मार्च किया गया.

फ्लैग मार्च में पुलिस अधिकारियों के साथ विभिन्न थानों की फोर्स भी मौजूद रही. पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की. पुलिस का कहना है कि इस तरह के फ्लैग मार्च का उद्देश्य सिर्फ कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा पैदा करना भी है.

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फ्लैग मार्च के दौरान ड्रोन कैमरों के जरिए निगरानी भी की गई. पुलिस संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल कर रही है.

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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली स्थिति पर नजर रखी जा रही है. इसके साथ ही सोशल मीडिया की भी विशेष निगरानी की जा रही है. पुलिस का फोकस उन लोगों पर है, जो अफवाह फैलाने या भ्रामक सामग्री के जरिए माहौल खराब करने की कोशिश कर सकते हैं.

पूरे मामले को लेकर एएसपी ने क्या बताया?

एएसपी सिद्धार्थ के मिश्रा ने बताया कि मुजफ्फरनगर पुलिस और शहर की पुलिस खासकर बहुत सतर्क रहती है. लगभग रोज हर थाना क्षेत्र में पैदल मार्च किया जाता है. आपराधिक गतिविधियों को मॉनिटर किया जाता है. एसपी सिटी के स्तर से पूरे शहर सर्कल में पूरी फोर्स, चारों थानों की फोर्स, चारों एसएचओ और मेरे द्वारा पैदल मार्च किया गया है. 

शहर में फ्लैग मार्च किया गया है. शांति और सुरक्षा का जो भाव है, जो मैसेज है, पुलिस वही रिप्रेजेंट कर रही है. वही मैसेज लोगों के बीच पहुंचाने की कोशिश कर रही है. कोई भी किसी प्रकार की संभावना जो कानून व्यवस्था को बिगाड़ सकती है या फिर बिगाड़ने की कोशिश कर सकती है, उन सभी के अगेंस्ट पुलिस लगातार इंटेलिजेंस के स्तर पर सोशल मीडिया को मॉनिटर कर रही है. जुमे की नमाज शांतिपूर्वक होगी. पुलिस द्वारा सभी के साथ संवाद किया गया है. सम्मानित व्यक्ति और समाज के जितने भी जरूरी लोग हैं, हर व्यक्ति तक पुलिस का मैसेज पहुंचा है. आने वाले त्योहार भी शांतिपूर्वक होंगे.

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