श्रावण मास शुरू होने में अभी दो दिन शेष हैं, लेकिन भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था रखने वाले शिवभक्त कांवड़िये हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हो चुके हैं.
इसी बीच उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से कांवड़ यात्रा की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे की अनूठी मिसाल पेश करती नज़र आ रही है. मेरठ निवासी तीन दोस्त मिंटू, गौरव और शाकिर एक साथ 201 लीटर गंगाजल की कांवड़ हरिद्वार से लेकर 'बम-बम भोले' के जयकारे लगाते हुए अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं.
आपको बता दें कि जहां-जहां यह कांवड़ पहुंच रही है, वहां लोगों के बीच इन दोस्तों की चर्चा हो रही है. श्रद्धालु उनकी गहरी दोस्ती की सराहना कर रहे हैं और इसे हिंदू-मुस्लिम एकता का अनुपम उदाहरण बता रहे हैं. खास बात यह है कि शाकिर अपने दोस्त मिंटू के साथ दूसरी बार कांवड़ यात्रा में शामिल हुआ है, लेकिन इस बार गौरव नाम का दोस्त भी उनके साथ है.
सिर पर टोपी लगाए शाकिर पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ कांवड़ उठाकर चल रहा है. इतना ही नहीं, वह रास्ते में अन्य कांवड़ियों की मदद भी करता नजर आ रहा है, जिससे लोग उसकी जमकर प्रशंसा कर रहे हैं. देखें VIDEO:-
आज जब समाज में जाति और धर्म के नाम पर विवाद की ख़बरें अक्सर सुर्खियां बनी रहती हैं, ऐसे समय में मिंटू, गौरव और शाकिर की यह दोस्ती समाज को एक सकारात्मक संदेश दे रही है. इन दोस्तों का कहना है कि इंसानियत और आपसी प्रेम ही सबसे बड़ा धर्म है, जबकि आस्था और सम्मान हर व्यक्ति का व्यक्तिगत विषय है. उनकी यह सोच लोगों का दिल जीत रही है.
मस्ती में झूमते, भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगाते और एक-दूसरे का साथ निभाते मिंटू, गौरव और शाकिर की यह कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि सामाजिक सद्भाव, भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब का भी संदेश दे रही है.
शिवभक्त कांवड़िया शाकिर का कहना है कि जात-पात छोड़ो और इंसानियत को जोड़ो, यानी 'ऑन टॉप' सिर्फ भाईचारा. देखें VIDEO:-
मुस्लिम कांवड़िया शाकिर बोले, ''जय शंकर भगवान की! मेरा नाम मोहम्मद शाकिर है, मैं फलावदा का रहने वाला हूँ. इस कांवड़ का उद्देश्य भाईचारा स्थापित करना है. जात-पात को छोड़ो, इंसानियत को जोड़ो. पहले तो मैं एक इंसान हूँ और इंसानियत के नाम पर ही यह कांवड़ उठाई गई है. रास्ते में किसी ने कोई एतराज नहीं किया. हां, मैं पहले भी कांवड़ लाया हूं; 101 लीटर की कांवड़ मैं मिंटू भाई के साथ लेकर आया था. इस बार 201 लीटर की कांवड़ मिंटू भाई, गौरव भाई और मैं (शाकिर भोला) मिलकर ला रहे हैं. संदेश यही है कि जात-पात छोड़ो, इंसानियत जोड़ो, ऑन टॉप भाईचारा.''
वहीं, मिंटू भोले ने बताया, ''मैं जिला मेरठ के गांव गडिना का रहने वाला हूं. मेरे दोस्त गौरव भाई नगोडी से हैं और मेरा भाई शाकिर फलावदा से है. हम तीनों मिलकर हरिद्वार से 201 लीटर की कांवड़ ला रहे हैं, जो जिला मेरठ के गांव नगोडी स्थित मंदिर में जाएगी. हमारी मन्नत यही है कि 36 बिरादरी में भाईचारा हमेशा ऑन टॉप रहे. यह मानकर चलिए कि यह कांवड़ हिंदू-मुस्लिम यारी और सच्ची दोस्ती के नाम पर उठाई गई है.''
संदीप सैनी