कांवड़ मेले के दौरान उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में शनिवार को ऐसी कांवड़ पहुंची, जिसे देखकर लोग कुछ देर के लिए ठिठक गए. कांवड़ में भगवान शिव शंकर 5 करोड़ रुपये की McLaren स्पोर्ट्स कार जैसी दिखने वाली गाड़ी में विराजमान थे. सड़क से गुजरते इस अनोखे दृश्य को देखकर लोगों को लगा कि करोड़ों रुपये की असली कार कांवड़ यात्रा का हिस्सा बनी है.
हालांकि, लोगों को बाद में पता चला कि यह असली McLaren नहीं बल्कि उसी की हुबहू तैयार की गई डमी कार है. इस मॉडल को तैयार करने में शिवभक्तों ने करीब 8 लाख रुपये खर्च किए हैं. दिल्ली के नवादा गांव से आए 6 श्रद्धालुओं ने इस खास कांवड़ को तैयार कराया है.
शिवभक्तों की यह टोली 28 जुलाई को हरिद्वार की हर की पौड़ी से 40 लीटर गंगाजल लेकर यात्रा पर निकली थी. गंगाजल इसी कांवड़ के अंदर रखा गया है. भक्तों का लक्ष्य इसे दिल्ली के नवादा गांव स्थित शिव मंदिर तक ले जाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करना है.
ऑफिस में बैठे-बैठे बना यात्रा का प्लान
इस अनोखी कांवड़ को लेकर चल रहे शिवभक्त दीपक शर्मा ने बताया कि वह दिल्ली के नवादा गांव के रहने वाले हैं. उनके साथ कुल 6 लोग इस यात्रा में शामिल हैं. दीपक के मुताबिक, सभी लोग उनके ऑफिस में बैठे थे और सावन में कुछ अलग करने को लेकर बातचीत कर रहे थे.
उन्होंने बताया कि कांवड़ यात्रा में लोग भोलेनाथ को कंधे पर, नंदी पर और अलग-अलग स्वरूपों में लेकर जाते हैं. इसी दौरान उनके साथी मोहित के दिमाग में स्पोर्ट्स कार के अंदर भगवान शिव को विराजमान कर यात्रा निकालने का विचार आया. इसके बाद सभी ने मिलकर इस योजना को अमल में लाने का फैसला किया.
दीपक के अनुसार, McLaren की असली गाड़ी की कीमत करीब साढ़े 5 करोड़ रुपये बताई जा रही है, लेकिन उन्होंने इसका डमी मॉडल बनवाया. पूरी तैयारी और मॉडल पर करीब 7 से 8 लाख रुपये खर्च हुए. इसके बाद भगवान शिव की प्रतिमा को इसमें विराजमान कर कांवड़ यात्रा शुरू की गई.
'भोले बाबा ने मन में बात बैठा दी'
दीपक शर्मा ने बताया कि शुरुआत में उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि इस बार कांवड़ यात्रा में क्या अलग किया जाए. वह कहते हैं कि उनके मन में अचानक यह विचार आया और ऐसा लगा जैसे भोले बाबा ने खुद इस यात्रा का रास्ता तय कर दिया हो.
उन्होंने कहा कि इस कांवड़ के पीछे कोई बड़ी व्यक्तिगत मनोकामना नहीं है. उनकी इच्छा सिर्फ इतनी है कि परिवार में सुख-शांति बनी रहे. इसी भावना के साथ वह भगवान शिव को लेकर हरिद्वार से दिल्ली तक की यात्रा कर रहे हैं.
दीपक के मुताबिक, उन्होंने 28 जुलाई को दोपहर करीब 12 बजे हर की पौड़ी से गंगाजल उठाया था. 40 लीटर जल कांवड़ में ही रखा गया है. अब सभी श्रद्धालु इसे लेकर नवादा गांव स्थित शिव मंदिर पहुंचेंगे और वहां भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे.
मुजफ्फरनगर में उमड़ी लोगों की भीड़
हरिद्वार से करोड़ों शिवभक्त गंगाजल लेकर मुजफ्फरनगर के रास्ते दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों की ओर जाते हैं. कांवड़ मेले में हर साल अलग-अलग आकार, डिजाइन और थीम वाली कांवड़ देखने को मिलती हैं.
इस बार स्पोर्ट्स कार के आकार की यह कांवड़ लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गई. दूर से देखने पर यह बिल्कुल महंगी McLaren कार जैसी नजर आती है. इसी वजह से सड़क पर मौजूद लोगों को पहले लगा कि किसी ने सच में करोड़ों रुपये की स्पोर्ट्स कार को कांवड़ यात्रा में शामिल किया है.
जब लोगों को पता चला कि यह करोड़ों की असली कार नहीं बल्कि करीब 8 लाख रुपये में तैयार की गई डमी है, तो उनकी दिलचस्पी और बढ़ गई. भगवान शिव की प्रतिमा, स्पोर्ट्स कार की डिजाइन और कांवड़ यात्रा का यह अनोखा मेल मुजफ्फरनगर में चर्चा का विषय बना हुआ है.
संदीप सैनी