कानपुर: मां को प्रेमी से फोन पर बात करते देखा, दुखी होकर नाबालिग बेटे ने लगाई फांसी! ऐसे खुला राज

कानपुर के महाराजपुर में 14 वर्षीय सत्यम ने मां की साड़ी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. सत्यम मां के फोन पर प्रेमी से बात करने का विरोध करता था. मां ने इसे बीमारी से मौत बताया था, लेकिन छोटे भाई ने पुलिस पूछताछ में सच उजागर कर दिया.

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बेटे की मौत के बाद रोने का नाटक करती आरोपी मां (Photo- Screengrab) बेटे की मौत के बाद रोने का नाटक करती आरोपी मां (Photo- Screengrab)

रंजय सिंह

  • कानपुर ,
  • 14 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 5:36 PM IST

उत्तर प्रदेश के कानपुर में हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला की आशिकी के चक्कर में उसके 14 वर्षीय बेटे की जान चली गई. दरअसल, महिला अक्सर अपने प्रेमी से फोन पर बात करती रहती थी. बेटे को ये चीज पसंद नहीं थी. वो जब भी विरोध करता तो मां उसे डांट-फटकार कर चुप करा देती. इसी से परेशान होकर आखिरकार बेटे ने फंदे पर लटककर अपनी जान दे दी.

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पूरा मामला कानपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र का है. यहां 14 वर्षीय सत्यम ने अपनी मां की ही साड़ी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. इसका खुलासा घटना के 24 घंटे बाद उसके छोटे भाई ने पुलिस पूछताछ में किया. हालांकि, पहले मां बहाने बना रही थी मगर पोस्टमार्टम के बाद सच्चाई सामने आ गई.

आपको बता दें कि बुधवार की रात कानपुर के महाराजपुर में 14 वर्षीय सत्यम की अपने कमरे में मौत हो गई थी, जिसका पिता सर्वेश मुंबई में नौकरी करता है. मां सुनीता ने गांव वालों से झूठ बोला कि बेटे की बीमारी से मौत हुई है, लेकिन छोटे बेटे ने एसीपी आशुतोष सिंह के सामने सच उगल दिया कि मां के प्रेम संबंधों से परेशान होकर सत्यम ने खुदकुशी की थी.

गांव वालों को हुआ था हत्या का शक

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घटना के बाद मां ने शव को फंदे से उतारकर तख्त पर रख दिया था और बीमारी से मौत होने का शोर मचा दिया था. उसने छोटे बेटे को भी यही रटने को कहा था. हालांकि, गांव वाले मां के प्रेम संबंधों को पहले से जानते थे, इसलिए उन्होंने पुलिस को सूचना दी कि मां ने प्रेमी के साथ मिलकर बेटे की हत्या की है. गले में नीला निशान देखकर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था और मुंबई में रह रहे पिता को भी तुरंत इसकी सूचना दी गई.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच

डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम में गले में फंदे या कसने का निशान तो पाया, लेकिन हत्या की पुष्टि स्पष्ट नहीं करते हुए बिसरा सुरक्षित रख लिया. शुरुआत में मां और पिता ने पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी और छोटा भाई भी बीमारी की बात कहता रहा. मामला संदिग्ध लगने पर डीसीपी सत्यजीत गुप्ता के निर्देश पर एसीपी आशुतोष सिंह ने दोबारा मृतक के घर जाकर कड़ाई से पूछताछ की, जिसके बाद पूरा सच सामने आया.

छोटा भाई बना गवाह, खुला बड़ा राज

एसीपी आशुतोष सिंह की पूछताछ में छोटे भाई ने बताया कि मम्मी फोन पर किसी से बात कर रही थीं, जिसका बड़े भैया सत्यम ने विरोध किया था. मां के न मानने पर भैया ने गुस्से में आकर मां की साड़ी से फांसी लगा ली. उसने और मम्मी ने मिलकर शव को नीचे उतारा था, लेकिन मां के डर से उसने सबको बीमारी से मौत होने की बात बताई थी. पुलिस का कहना है कि बिसरा रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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