उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के 23 वर्षीय सूरज यादव का पार्थिव शरीर ओमान से पैतृक आवास पहुंचा. होर्मुज जलडमरूमध्य के पास 23 सितंबर को एक मालवाहक जहाज पर हुए मिसाइल हमले में वाइपर के पद पर कार्यरत सूरज की मौत हो गई थी. 11 दिन के लंबे इंतजार के बाद शव देवरिया लाया गया, जहां पिता ओम प्रकाश यादव ने बेटे को मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया. इस दुखद घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और हजारों ग्रामीणों की मौजूदगी में अंतिम दर्शन संपन्न हुए.
बेटे के ताबूत को देखकर फूट-फूटकर रोई मां
घर के दरवाजे पर ताबूत उतरते ही मां पुष्पा देवी की चीख निकल गई. डेढ़ महीने पहले जिस बेटे को बेहतर भविष्य और परिवार की माली हालत सुधारने के लिए ओमान भेजा था, उसका शव देखकर मां-पिता खुद को संभाल नहीं सके. अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ ने 'भारत माता की जय' और 'जब तक सूरज-चांद रहेगा, सूरज तेरा नाम रहेगा' के नारे लगाए.
11 दिन की जद्दोजहद के बाद पहुंचा शव
ओम प्रकाश यादव के चार बेटों में सबसे बड़े सूरज यादव गल्फ कंट्री स्थित मालवाहक जहाज पर नौकरी के लिए गए थे. 23 सितंबर को हुए हवाई हमले में उनकी मौत हो गई थी. 11 दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव लाया जा सका.
प्रशासनिक उदासीनता से परिजनों में मायूसी
परिजनों को उम्मीद थी कि जिलाधिकारी गांव आकर सांत्वना देंगे और सहयोग का आश्वासन देंगे. परिजनों का मानना था कि अधिकारियों के आने से कई समस्याएं हल हो जाती हैं. हालांकि, परिजनों और स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के बाद प्रशासन का कोई भी अधिकारी उनके घर नहीं पहुंचा.
हालांकि, अंतिम संस्कार के दौरान जिले के बड़े नेताओं का जमावड़ा रहा. एमएलसी रतनलाल सिंह, कांग्रेस नेता अखिलेश प्रताप सिंह, मंत्री सूर्य प्रताप शाही आदि ने नम आंखों से सूरज को अंतिम विदाई दी.
राम प्रताप सिंह