फिल्मों में अक्सर अपराधी पुलिस को खुली चुनौती देते नजर आते हैं. लेकिन मेरठ की एक महिला ने यही स्टाइल असल जिंदगी में दिखाने की कोशिश की. इंस्टाग्राम पर रील बनाई, डायलॉग मारा- 'शाका मारा जा सकता है, लेकिन पकड़ा नहीं जा सकता.' उसे लगा कि पुलिस नहीं पकड़ पाएगी. जिस इंस्टाग्राम पर वह फरारी में मजे ले रही थी, वहीं से पुलिस ने उसकी लोकेशन पकड़ ली.
पुलिस का कहना है कि लूट के मामले में फरार चल रही ज्योति चौधरी शादी के बाद पति के साथ हनीमून पर हरिद्वार गई थी. वहां से वह लगातार इंस्टाग्राम पर रील और पोस्ट शेयर कर रही थी. पुलिस ने सोशल मीडिया पर नजर रखी, तकनीकी सर्विलांस की मदद ली और शनिवार को हरिद्वार से उसे गिरफ्तार कर लिया.
सरधना पुलिस का कहना है कि ज्योति चौधरी पेटीएम कंपनी के टीम लीडर से हुई लूट के मामले में वांछित थी. वारदात के बाद वह पुलिस की पकड़ से बाहर थी. इसी दौरान उसने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह कहती नजर आई कि शाका मारा जा सकता है, लेकिन पकड़ा नहीं जा सकता. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पुलिस ने इसे सुराग की तरह लिया. इसके बाद उसकी सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखी जाने लगी.
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पुलिस की जांच में सामने आया कि किठौर थाना क्षेत्र के छुछाई गांव की रहने वाली ज्योति चौधरी की 23 जून को मोहित नाम के युवक से शादी हुई थी. शादी के कुछ ही दिन बाद दोनों हरिद्वार घूमने निकल गए. फरारी के दौरान भी ज्योति सोशल मीडिया से दूर नहीं रही. वह लगातार फोटो, वीडियो और रील अपलोड करती रही. पुलिस ने इन्हीं गतिविधियों और तकनीकी सर्विलांस के जरिए उसकी लोकेशन ट्रेस की और हरिद्वार में दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया.
पहले डांसर थी... अब लूट के आरोप
पुलिस के मुताबिक, ज्योति की पहले सुनील से शादी हो चुकी थी. वह पहले रागनी कार्यक्रमों में डांसर के रूप में काम करती थी. पुलिस का दावा है कि महंगे शौक और ऐशो-आराम की जिंदगी के लिए वह अपने वर्तमान पति के साथ लूट और चोरी जैसी वारदातों में शामिल हो गई.
दरअसल, 12 जून की रात मुजफ्फरनगर के रतनपुरी थाना क्षेत्र के रहने वाले आकाश शर्मा बाइक से घर लौट रहे थे. आकाश पेटीएम कंपनी में टीम लीडर के पद पर हैं. आरोप है कि सरधना-पाली कांवड़ पटरी मार्ग पर दो बाइकों पर आए चार लोगों ने उन्हें रोक लिया. आकाश के साथ मारपीट की गई और बाइक व मोबाइल फोन लूट लिया गया. पीड़ित ने पुलिस को बताया था कि वारदात में एक महिला भी शामिल थी. इसी सुराग पर जांच आगे बढ़ी और पुलिस ज्योति तक पहुंची.
इस मामले में पुलिस पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी. उनके पास से लूटी गई बाइक, मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक भी बरामद की जा चुकी है. केवल ज्योति पुलिस की पकड़ से बाहर थी. अब उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूरे गिरोह की भूमिका, लूट की अन्य वारदातों और नेटवर्क की भी जांच कर रही है.
जिस इंस्टाग्राम पर ज्योति कथित तौर पर पुलिस को चुनौती दे रही थी, उसी इंस्टाग्राम ने पुलिस को उसके दरवाजे तक पहुंचा दिया. रील बनाकर 'पकड़ा नहीं जा सकता' कहने वाली महिला आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में पहुंच गई. पुलिस का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद अब पूरे गिरोह की गतिविधियों और अन्य संभावित वारदातों के बारे में भी पूछताछ की जाएगी. साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि इस गैंग में और कौन-कौन लोग शामिल थे.
उस्मान चौधरी