समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने शुक्रवार को वादा किया कि अगर उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में सत्ता में लौटती है, तो वे ब्रज क्षेत्र का 'संतुलित और विश्व-स्तरीय' विकास करेंगे. साथ ही, उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यह विकास 'ब्रजवासियों' की कीमत पर नहीं होना चाहिए.
कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर 'X' (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट में अखिलेश यादव ने भक्तों को बधाई दी और कहा कि उनकी पार्टी मथुरा-वृंदावन, बरसाना और गोवर्धन के धार्मिक और पौराणिक केंद्रों के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराएगी.
उन्होंने कहा, "जिस तरह हमने सपा सरकार के दौरान ब्रज क्षेत्र के विकास के लिए बुनियादी काम किए थे, उसी तरह आज हम अपना संकल्प दोहराते हैं कि हमारी अगली सरकार में हम मथुरा-वृंदावन-बरसाना-गोवर्धन के धार्मिक क्षेत्र का संतुलित, विश्व-स्तरीय और सर्वांगीण विकास करेंगे."
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विकास का मकसद क्षेत्र के धार्मिक और पौराणिक महत्व को बनाए रखना होगा, साथ ही तीर्थयात्रियों और आध्यात्मिक पर्यटकों को आधुनिक बुनियादी ढांचा और सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी.
उन्होंने इस प्रक्रिया में स्थानीय निवासियों की भागीदारी पर भी ज़ोर दिया. यादव ने कहा, "ब्रज के विकास का मतलब ब्रजवासियों की अनदेखी नहीं होना चाहिए. हमारा मानना है कि यहां सही विकास तभी संभव है जब ब्रज के लोगों की सहमति और सहयोग हो." उन्होंने कहा कि ब्रज के निवासियों का कल्याण और उत्थान ही इस क्षेत्र के विकास की कुंजी है.
अखिलेश यादव की ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान के ठीक बाद आईं, जिसमें उन्होंने कहा था कि ब्रज क्षेत्र का विकास काशी और अयोध्या की तर्ज पर किया जाएगा.
सीएम योगी ने वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर के पुनर्विकास और अयोध्या के कायाकल्प का उदाहरण देते हुए धार्मिक महत्व के स्थानों को बहाल करने और विकसित करने के प्रयासों का ज़िक्र किया था.
मुख्यमंत्री ने कहा कि 'ब्रज तीर्थ विकास परिषद', चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ मिलकर, क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत को बचाते हुए मथुरा-वृंदावन के विकास पर काम कर रही है.
सीएम ने कहा, "हमारी कोशिश है कि मथुरा-वृंदावन में भी वैसा ही माहौल बनाया जाए जैसा अयोध्या और काशी में बनाया गया है, ताकि भक्तों को कोई परेशानी न हो और वे बिना किसी बाधा के अपने आराध्य के दर्शन कर सकें." उन्होंने कहा कि कृष्ण जन्मभूमि, वृन्दावन में बांके बिहारी मंदिर, बरसाना, नंदगांव और गोवर्धन में आने वाले भक्तों के लिए सुविधाओं की भी योजना बनाई जा रही है.
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