उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बिजनौर थाना क्षेत्र में दोस्ती और भरोसे के कत्ल का सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां चंद रुपयों के लालच में एक युवक ने अपने ही जिगरी दोस्त को पहले शराब पिलाई, फिर करंट लगाकर तड़पा-तड़पाकर मार डाला. शातिर कातिल ने इसे हादसा दिखाने के लिए शव को पड़ोसी के घर के बाहर फेंक दिया.
चंद रुपयों के लिए डोली नियत और कर दी हत्या
मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि 1 अक्टूबर को रहीमाबाद निवासी मेडीलाल ने अपने बेटे सचिन उर्फ राजा की हत्या की तहरीर दी थी. सचिन का शव संदिग्ध हालात में मिला था. डीसीपी साउथ मो. मुश्ताक ने बताया कि पुलिस ने 26 वर्षीय नामजद आरोपी बिरजू को दबोच लिया है. पुलिस हिरासत में आरोपी बिरजू ने जो कबूलनामा किया, उसने खाकी को भी सन्न कर दिया.
बिरजू ने बताया कि 28 सितंबर को सचिन को पैसों की सख्त जरूरत थी. पैसे का कोई और इंतजाम न होने पर सचिन ने अपनी बाइक गिरवी रख दी. इसके बाद दोनों दोस्तों ने गिरवी रखे पैसों से शराब खरीदी और बिरजू के कमरे पर जमकर जाम छलकाए. शराब के नशे में जब सचिन बेसुध होकर बिस्तर पर पड़ गया, तो उसके पास बचे पैसों को देखकर बिरजू की नीयत डोल गई. उसने तुरंत सचिन को रास्ते से हटाने की साजिश रची और कमरे में रखे लोहे के कूलर व बिजली के खुले तार के जरिए उसने बेसुध सचिन को तेज करंट का झटका दे दिया.
पुलिस की सख्ती से फेल हो गई बिरजू की प्लानिंग
जिससे चंद मिनटों में सचिन की तड़प-तड़पकर मौत हो गई. कत्ल के बाद आरोपी ने सचिन की जेब से बचे हुए ₹2250 निकाले और लाश को घसीटकर पास के एक घर के बाहर फेंक आया. पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि उसने सोचा था कि करंट लगने की बात सामने आने पर पुलिस और गांव वाले इसे महज एक हादसा समझेंगे, लेकिन उसकी पूरी प्लानिंग फेल कर दी.
पुलिस ने आरोपी बिरजू की निशानदेही पर कत्ल में इस्तेमाल बिजली का तार, लोहे का कूलर और मृतक और 2250 रुपये बरामद कर लिए हैं. मुकदमे में सबूत मिटाने और लूट से जुड़ी बीएनएस की धाराएं बढ़ाते हुए आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक आरोपी बिरजू का पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है.
अंकित मिश्रा