उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में पत्नी की हत्या के करीब 15 साल पुराने मामले में अदालत ने दोषी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. दोषी धर्मेंद्र तिवारी उर्फ पप्पू पर 23 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. आरोप है कि उसकी पत्नी अनामिका भाभी के साथ उसके कथित अवैध संबंधों का विरोध करती थी, जिसके चलते उसे प्रताड़ित किया जाता था. शासन की ओर से चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी के बाद 28 अक्टूबर 2026 को अदालत ने यह फैसला सुनाया.
दरअसल, यह मामला सैनी थाना क्षेत्र के सौरई बुजुर्ग गांव का है. पुलिस के मुताबिक, 2 सितंबर 2011 को धर्मेंद्र तिवारी उर्फ पप्पू ने पत्नी अनामिका की हत्या के मामले में पुलिस को गुमराह करने के लिए लूट और उसके अपहरण की सूचना दी थी. हालांकि, जांच के दौरान पुलिस ने साक्ष्य जुटाए और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की. विवेचना पूरी होने के बाद धर्मेंद्र के खिलाफ संबंधित धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया.
अभियोजन पक्ष के अनुसार, धर्मेंद्र अपनी पत्नी को इलाज कराने के लिए सिराथू लेकर गया था. आरोप है कि भाभी के साथ उसके नाजायज संबंध थे, जिसका अनामिका विरोध करती थी. इसी बात को लेकर दंपती के बीच विवाद और प्रताड़ना की स्थिति बनी रहती थी. डीजीसी क्रिमिनल सोमेश्वर कुमार तिवारी ने अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की.
इलाज के लिए सिराथू ले गया, लौटते समय हत्या की साजिश का आरोप
डीजीसी क्रिमिनल सोमेश्वर कुमार तिवारी ने बताया कि धर्मेंद्र अपनी पत्नी को इलाज कराने के लिए सिराथू ले गया था. उनके मुताबिक, आरोपी ने साजिश के तहत बदमाशों को बुलाकर अनामिका की हत्या करा दी. उन्होंने बताया कि घटना 2011 की है और सिराथू से लौटने के दौरान अनामिका देवी की हत्या हुई थी.
मृतका के भाई ने भी आरोप लगाया था कि धर्मेंद्र उसकी बहन को लगातार प्रताड़ित करता था. उसके मुताबिक, आरोपी के अपनी भाभी के साथ कथित अवैध संबंध थे और अनामिका के विरोध करने के कारण उसे परेशान किया जाता था. अभियोजन पक्ष ने मामले की सुनवाई के दौरान इन तथ्यों के आधार पर अपना पक्ष रखा.
डीजीसी क्रिमिनल ने बताया कि वर्ष 2011 से यह मुकदमा कौशांबी की जनपद अदालत में विचाराधीन था. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 12 गवाह पेश किए गए. लंबी सुनवाई और प्रभावी पैरवी के बाद अदालत ने धर्मेंद्र तिवारी उर्फ पप्पू को दोषी ठहराया.
ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पैरवी, अदालत ने सुनाई उम्रकैद
28 अक्टूबर 2026 को कौशांबी की अदालत ने आरोपी धर्मेंद्र तिवारी उर्फ पप्पू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. इसके साथ ही उस पर 23 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया. यह फैसला पत्नी अनामिका की हत्या के करीब 15 साल बाद आया है.
पुलिस ने इस मामले में शुरुआत में लूट और अपहरण की सूचना मिलने के बाद जांच की थी. विवेचना के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया. इसके बाद न्यायालय में मुकदमे की सुनवाई चली.
शासन की ओर से चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत अभियोजन पक्ष ने मामले में प्रभावी पैरवी की. डीजीसी क्रिमिनल सोमेश्वर कुमार तिवारी ने अभियोजन की ओर से अदालत में पक्ष रखा. करीब डेढ़ दशक पुराने इस मामले में अदालत के फैसले के बाद दोषी पति को अब आजीवन कारावास की सजा भुगतनी होगी.
अखिलेश कुमार