उत्तर प्रदेश के कासगंज में बेटी के अपनी पसंद से शादी करने पर परिवार की नाराजगी का अनोखा मामला सामने आया है. यहां एक पिता ने अपनी जीवित बेटी को मृत मानकर शांति पाठ का आयोजन किया. इस कार्यक्रम में कस्बे के वरिष्ठ लोगों को भी बुलाया गया, जहां परिवार ने समाज के सामने अपना दर्द बयां किया. सिढ़पुरा कस्बे की इस घटना की चर्चा अब इलाके में हो रही है.
परिजनों के मुताबिक, बेटी के अपनी मर्जी से शादी करने के बाद परिवार ने उससे अपना संबंध खत्म करने जैसा कदम उठाया. पिता और अन्य परिजनों ने उसे जीवित रहते हुए मृत मानकर शांति पाठ कराया. इस आयोजन के जरिए परिवार ने अपनी नाराजगी और पीड़ा समाज के सामने रखी.
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11 अक्टूबर की रात बेटी को ले जाने का पिता ने लगाया आरोप
बेटी के पिता का आरोप है कि 11 अक्टूबर की रात करीब दो बजे उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाया गया था. पिता के मुताबिक, इसके बाद बेटी ने अदालत में शादी कर ली. हालांकि, बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने के आरोप और शादी की परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. इस मामले में अभी बेटी का पक्ष भी सामने नहीं आया है.
परिवार ने इस घटनाक्रम को अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा से जोड़ते हुए शांति पाठ आयोजित किया. कार्यक्रम में नगर के वरिष्ठ लोगों को आमंत्रित किया गया था. वहां परिजनों ने अपनी व्यथा रखी और मौजूद लोगों ने उनके प्रति सहानुभूति जताई.
बेटी के फैसले से परिवार नाराज, कस्बे में चर्चा
कासगंज के सिढ़पुरा में सामने आए इस मामले ने परिवार की अपेक्षाओं और युवाओं के अपने जीवनसाथी को चुनने के फैसले के बीच टकराव को लेकर चर्चा छेड़ दी है. एक ओर बेटी की अपनी पसंद से शादी करने की बात है, तो दूसरी तरफ परिवार ने शांति पाठ कर उसे मृत मानने का ऐलान किया है.
हालांकि, पूरे घटनाक्रम को समझने के लिए बेटी का पक्ष सामने आना भी जरूरी है. फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पिता ने बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया है, जबकि उसके अदालत में शादी करने की बात भी कही गई है. मामले में सभी पहलुओं की पुष्टि के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी.
देवेश पाल सिंह