उत्तर प्रदेश के कानपुर से पुलिस विभाग से जुड़ा एक मामला सामने आया है. एक महिला ने पुलिस विभाग में तैनात दारोगा पर इंस्टाग्राम के जरिए दोस्ती करने, शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने, बाद में कार्रवाई से बचने के लिए शादी करने और फिर मारपीट कर घर से निकालने का आरोप लगाया है. महिला का कहना है कि वह कई बार पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर चुकी है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. महिला घाटमपुर क्षेत्र की रहने वाली है. उसका कहना है कि वर्ष 2024 में उसकी इंस्टाग्राम पर सेन पश्चिम पारा थाने में तैनात दरोगा सत्येंद्र गौतम से दोस्ती हुई थी. उस समय वह एमटेक की पढ़ाई कर रही थी. महिला के अनुसार, दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और बाद में यह रिश्ता प्रेम संबंध में बदल गया.
महिला का आरोप है कि दरोगा ने शादी का प्रस्ताव दिया और एक दिन अपने कमरे पर बुलाया. वहां शादी का भरोसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया. महिला का कहना है कि विरोध करने पर दरोगा ने शादी करने का भरोसा दिया. इसके बाद भी कई बार संबंध बनाए, लेकिन बाद में शादी से इनकार कर दिया. महिला का कहना है कि जब शादी नहीं हुई तो उसने वर्ष 2024 में कानपुर पुलिस कमिश्नर कार्यालय में शिकायत देकर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करने की मांग की. महिला का आरोप है कि कार्रवाई से बचने के लिए दरोगा ने पहले मंदिर में शादी की और बाद में विवाह का पंजीकरण भी कराया.
दोस्ती से शुरू हुआ रिश्ता, फिर बढ़ी नजदीकियां
पीड़ित महिला का आरोप है कि शादी के बाद कुछ समय तक सब ठीक रहा, लेकिन बाद में दारोगा ने उसके साथ मारपीट की और यह कहते हुए घर से निकाल दिया कि शादी सिर्फ दुष्कर्म के मामले से बचने के लिए की थी. महिला का यह भी आरोप है कि दरोगा ने उसके खिलाफ अदालत में तलाक का मुकदमा भी दायर कर दिया. हिला का कहना है कि अब उसके पास रहने और खर्च चलाने का कोई सहारा नहीं है. उसने अपनी मर्जी से शादी की थी, जिसके कारण वह अपने परिवार से भी अलग हो गई. अब वह पुलिस अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगा रही है और कार्रवाई की मांग कर रही है.
महिला का कहना है कि उसने कई बार पुलिस अधिकारियों को आवेदन दिए, लेकिन उसकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. उसका कहना है कि वह चाहती है कि या तो उसके साथ न्याय हो या उसकी शिकायत पर कानूनी कार्रवाई की जाए. मामले में डीसीपी साउथ डीएन चौधरी ने कहा कि महिला और पुलिस विभाग में तैनात दरोगा की शादी हुई थी. बाद में दोनों के बीच आपसी विवाद हो गया. उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों को कई बार बुलाकर समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन सहमति नहीं बन सकी.
महिला ने न्याय और कार्रवाई की लगाई गुहार
डीसीपी के अनुसार, मामले की जांच के लिए एसीपी को निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि यदि महिला अपने पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराना चाहती है तो उसके आवेदन के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी. महिला का कहना है कि यदि वर्ष 2024 में उसकी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई होती तो आज यह स्थिति नहीं बनती. उसका आरोप है कि अब तक उसे केवल जांच का आश्वासन मिला है, जबकि वह लगातार न्याय की मांग कर रही है.
रंजय सिंह