कानपुर और दिल्ली के बीच रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी. रेलवे ने कानपुर सेंट्रल और दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल के बीच रोजाना नई ट्रेन सेवा शुरू करने को मंजूरी दे दी है. नई मेल सेवा शुरू होने से इस व्यस्त रेल रूट पर यात्रियों को एक और विकल्प मिलेगा. खास बात यह है कि ट्रेन का संचालन दोनों तरफ से रात के समय होगा, जिससे यात्री रात में सफर कर सुबह दिल्ली या कानपुर पहुंच सकेंगे.
रेल मंत्रालय के अनुसार नई ट्रेन सेवा ट्रेन नंबर 14153/14154 कानपुर सेंट्रल-आनंद विहार-कानपुर सेंट्रल मेल के नाम से संचालित की जाएगी. यह ट्रेन दोनों दिशाओं में रोजाना चलेगी. मंत्रालय का कहना है कि नई सेवा से कानपुर सेंट्रल और आनंद विहार के बीच रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी और इस रूट पर आने वाले प्रमुख शहरों के यात्रियों को भी फायदा मिलेगा.
कानपुर से रात 8:40 बजे चलेगी ट्रेन
नई ट्रेन कानपुर सेंट्रल से रात 8:40 बजे रवाना होगी. रातभर सफर करने के बाद यह ट्रेन सुबह 4:50 बजे आनंद विहार टर्मिनल पहुंचेगी. इस तरह कानपुर से दिल्ली की यात्रा करने वाले यात्रियों को रात में सफर करने का विकल्प मिलेगा और सुबह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पहुंचना संभव होगा. वापसी में ट्रेन नंबर 14154 आनंद विहार-कानपुर सेंट्रल मेल आनंद विहार टर्मिनल से रात 11:25 बजे रवाना होगी. यह ट्रेन अगले दिन सुबह 7:25 बजे कानपुर सेंट्रल पहुंचेगी. रेल मंत्रालय के मुताबिक, दोनों दिशाओं में ट्रेन करीब 428 किलोमीटर की दूरी तय करेगी. कानपुर से आनंद विहार तक यात्रा का निर्धारित समय करीब 8 घंटे 10 मिनट होगा, जबकि आनंद विहार से कानपुर की वापसी यात्रा करीब 8 घंटे में पूरी होगी.
फफूंद से गाजियाबाद तक इन स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन
नई ट्रेन सिर्फ कानपुर और दिल्ली के बीच सीधी कनेक्टिविटी ही नहीं देगी, बल्कि रास्ते के कई प्रमुख शहरों और कस्बों के यात्रियों के लिए भी उपयोगी होगी. रेल मंत्रालय ने ट्रेन के लिए कुल आठ ठहराव निर्धारित किए हैं. ट्रेन के प्रमुख स्टॉपेज इस प्रकार हैं: फफूंद, इटावा, टूंडला, हाथरस, अलीगढ़, खुर्जा,दादरी और गाजियाबाद. इन स्टेशनों के यात्रियों को भी कानपुर और दिल्ली क्षेत्र के बीच आने-जाने के लिए एक अतिरिक्त दैनिक रेल सेवा उपलब्ध होगी.
रात की यात्रा से यात्रियों को क्या फायदा होगा?
कानपुर और दिल्ली के बीच बड़ी संख्या में लोग रोजाना या नियमित रूप से यात्रा करते हैं. इनमें नौकरी, कारोबार, पढ़ाई, इलाज और अन्य जरूरी कामों के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र जाने वाले यात्री शामिल हैं. नई ट्रेन का रात में संचालन ऐसे यात्रियों के लिए उपयोगी हो सकता है, जो दिन का समय यात्रा में खर्च नहीं करना चाहते. कानपुर से रात 8:40 बजे ट्रेन पकड़ने के बाद यात्री सुबह करीब 4:50 बजे आनंद विहार पहुंच सकेंगे. इसी तरह दिल्ली से लौटने वाले यात्री रात 11:25 बजे आनंद विहार से ट्रेन लेकर सुबह 7:25 बजे कानपुर पहुंचेंगे. रेल मंत्रालय ने कहा है कि नई दैनिक सेवा से कानपुर और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के बीच यात्रियों को अतिरिक्त रेल विकल्प मिलेगा. ट्रेन के समय को दोनों दिशाओं में रात की यात्रा को ध्यान में रखते हुए निर्धारित किया गया है.
इटावा, अलीगढ़, गाजियाबाद के यात्रियों को भी फायदा
नई ट्रेन का असर सिर्फ कानपुर और दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा. इसके रास्ते में पड़ने वाले इटावा, अलीगढ़, दादरी और गाजियाबाद जैसे महत्वपूर्ण शहरों के यात्रियों को भी फायदा मिलेगा. इटावा और आसपास के क्षेत्रों से दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध होगा. वहीं अलीगढ़ और खुर्जा जैसे प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव होने से इन क्षेत्रों के यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी. गाजियाबाद में ठहराव होने के कारण राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के यात्रियों के लिए दिल्ली की कनेक्टिविटी और उपयोगी हो जाएगी. रेल मंत्रालय का कहना है कि यह सेवा कानपुर, इटावा, अलीगढ़, गाजियाबाद और दिल्ली क्षेत्र के बीच यात्रियों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने में मदद करेगी.
वडोदरा में 166.5 करोड़ रुपये का चार लेन ROB भी मंजूर
रेल मंत्रालय ने कानपुर-अनंद विहार ट्रेन के साथ गुजरात के वडोदरा मंडल के लिए भी एक महत्वपूर्ण परियोजना को मंजूरी दी है. मंत्रालय ने अल्कापुरी में चार लेन वाले रोड ओवर ब्रिज (ROB) के निर्माण को स्वीकृति दी है. इस परियोजना की अनुमानित लागत 166.5 करोड़ रुपये है. परियोजना का निर्माण गुजरात सरकार के साथ लागत साझा करने के आधार पर किया जाएगा. कुल लागत में भारतीय रेलवे और गुजरात सरकार की हिस्सेदारी बराबर होगी. रेलवे का हिस्सा करीब 83.2769 करोड़ रुपये और राज्य सरकार का हिस्सा भी करीब 83.2769 करोड़ रुपये होगा. वडोदरा रेलवे स्टेशन के पास मौजूद मौजूदा अल्कापुरी रोड अंडर ब्रिज (RUB) अल्कापुरी और कालाघोड़ा इलाकों के बीच सड़क संपर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा है. लेकिन इसकी ऊंचाई करीब तीन मीटर होने के कारण बड़े वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है. मानसून के दौरान यहां जलभराव की समस्या भी सामने आती है. इसके कारण यातायात प्रभावित होने के साथ सड़क उपयोग करने वाले लोगों को परेशानी होती है. रेल मंत्रालय के अनुसार इन समस्याओं को देखते हुए चार लेन के ग्रेड-सेपरेटेड रोड ओवर ब्रिज का निर्माण किया जाएगा. इससे मौजूदा सड़क क्रॉसिंग व्यवस्था की क्षमता बढ़ाने और यातायात को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी.
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