चाची के प्यार में चाचा का मर्डर...रात- रातभर के फोन कॉल से खुली भतीजे की खूनी कारतूत

कानपुर देहात के अमरौधा में कलीम हत्याकांड का पुलिस ने 8 दिन बाद खुलासा किया है. प्रेम संबंधों में बाधा बने कलीम की हत्या उसकी पत्नी शमा परवीन और भतीजे ने मिलकर की. पहले इसे आत्महत्या बताया गया था, लेकिन मोबाइल सीडीआर और सख्त पूछताछ से साजिश उजागर हुई. दोनों आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे गए हैं.

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चाची के प्यार में चाचा का मर्डर, ऐसे खुली भतीजे की खूनी कारतूत (Photo: itg) चाची के प्यार में चाचा का मर्डर, ऐसे खुली भतीजे की खूनी कारतूत (Photo: itg)

तनुज अवस्थी

  • कानपुर ,
  • 05 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:40 PM IST

उत्तर प्रदेश में कानपुर देहात के भोगनीपुर कोतवाली क्षेत्र के अमरौधा कस्बे में हुए कलीम हत्याकांड का पुलिस ने 8 दिन बाद सनसनीखेज खुलासा किया है. प्रेम संबंधों में बाधक बने शख्स की उसकी ही पत्नी और भतीजे ने मिलकर हत्या कर दी थी. पहले इसे आत्महत्या का रूप दिया गया, लेकिन मोबाइल सीडीआर और गहन पूछताछ ने पूरे मामले की परतें खोल दीं. पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.

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घटना 27 दिसंबर रात की है. अमरौधा कस्बे के कटरा मोहल्ला निवासी 42 साल के कलीम का शव उनके घर के अंदर खून से लथपथ हालत में मिला था. मृतक की पत्नी शमा परवीन ने पुलिस को सूचना दी कि कलीम ने गला काटकर आत्महत्या कर ली है. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा. पीएम रिपोर्ट में अत्यधिक रक्तस्राव के कारण मौत की पुष्टि हुई, जिससे मामला संदिग्ध हो गया.

शनिवार को मृतक के भाई शकील ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई. इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच तेज की. कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगाले गए और शमा परवीन से अलग पूछताछ की गई. कड़ाई से सवाल होने पर शमा टूट गई और उसने हत्या की साजिश का खुलासा कर दिया.

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पुलिस के अनुसार, शमा परवीन और मृतक के भतीजे समर समीम उर्फ चांदबाबू के बीच नजदीकियां बढ़ गई थीं, जिसका कलीम लगातार विरोध करता था. इसी दौरान बच्चों की बीमारी के इलाज में लिए गए उधार पैसों को लेकर भी विवाद चल रहा था. 27 दिसंबर की रात पड़ोस में कार्यक्रम होने का फायदा उठाकर चाची-भतीजे ने मिलकर कलीम की चाकू से गला काटकर हत्या कर दी.

हत्या के बाद चाकू तोड़ने के दौरान चांदबाबू के बाएं हाथ में गंभीर चोट लग गई थी. यही चोट पुलिस के लिए अहम कड़ी साबित हुई. जब पुलिस ने चांदबाबू से हाथ की चोट के बारे में सख्ती से पूछा तो वह भी टूट गया और अपराध कबूल कर लिया. सीओ संजय वर्मा ने बताया कि आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद कर लिया गया है. दोनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है. हत्या के बाद चाकू तोड़ते समय लगी चोट ने दूसरे आरोपी की पहचान उजागर कर दी. पुलिस का कहना है कि यही चोट और सीडीआर इस हत्याकांड के खुलासे में निर्णायक साबित हुए.
 

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