उत्तर प्रदेश के कानपुर में चौबेपुर पुलिस और स्वाट/सर्विलांस पश्चिम जोन की संयुक्त टीम ने अंतरजनपदीय ट्रांसफार्मर चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने गिरोह के 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनके कब्जे से 164 किलो एल्युमीनियम तार, 98 किलो कॉपर बाइंडिंग, तीन ट्रांसफार्मर कॉइल और 68 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं. चोरी का माल खरीदने वाला कबाड़ी भी पुलिस की गिरफ्त में आया है.
गांव-देहात में खेतों की सिंचाई और घरों में बिजली पहुंचाने वाले ट्रांसफार्मरों को निशाना बनाने वाला यह गिरोह कई जिलों में सक्रिय था. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ट्रांसफार्मर से अंदरूनी सामान निकालकर बेच देते थे. चोरी के इस नेटवर्क का खुलासा करने के लिए चौबेपुर थाने में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 0297/2026, धारा 136 विद्युत अधिनियम से जुड़ी घटनाओं की जांच की जा रही थी.
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डीसीपी कासिम आबिदी के अनुसार, इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना पर पुलिस टीम ने जादेपुर घस्सा मोड़ के पास खड़ी काले रंग की स्कॉर्पियो को घेर लिया. गाड़ी में सवार सात लोगों को हिरासत में लेकर तलाशी ली गई. इस दौरान 68 हजार रुपये नकद, एल्युमीनियम तार के आठ बंडल (जिनका कुल वजन 164 किलोग्राम था), कॉपर बाइंडिंग के तीन लच्छे (जिनका वजन 98 किलोग्राम था) और तीन ट्रांसफार्मर कॉइल बरामद हुईं.
कानपुर से उन्नाव और लखनऊ तक फैला था नेटवर्क
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि बरामद नकदी पहले चोरी किए गए ट्रांसफार्मरों के अंदरूनी सामान को बेचकर मिली थी. पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह कानपुर देहात, उन्नाव, लखनऊ और फतेहपुर समेत कई जिलों में वारदातों को अंजाम देता था. चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त में कबाड़ी उमेश गुप्ता की भूमिका सामने आई, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है.
पुलिस के अनुसार, वारदात में इस्तेमाल की जाने वाली स्कॉर्पियो कबाड़ी रंजीत श्रीवास्तव की है. वाहन को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज कर दिया गया है. पुलिस अब गिरोह के काम करने के तरीके, चोरी के माल की बिक्री और दूसरे जिलों में हुई घटनाओं से इसके कनेक्शन की जांच कर रही है.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पिपौरी मर्दनपुर, थाना बर्रा के रहने वाले लक्ष्मण प्रसाद के बेटे रंजीत श्रीवास्तव (47), हरबंश मोहाल थाना क्षेत्र के हुलागंज स्थित सीताराम मोहल्ला निवासी सुधीर गुप्ता के बेटे उमेश गुप्ता (35) और जूही थाना क्षेत्र के बमरिया निवासी बालू पासवान के बेटे चन्दन (24) के रूप में हुई है.
इसके अलावा, फतेहपुर के जहानाबाद के मूल निवासी और कानपुर के हनुमंत विहार थाना क्षेत्र की खाड़ेपुर कॉलोनी में रहने वाले धर्मेन्द्र पाण्डेय के बेटे आलोक पाण्डेय (30) तथा फतेहपुर के हुसैनगंज के मूल निवासी और इसी कॉलोनी में रहने वाले मुन्ना दुबे के बेटे देवांश दुबे (20) को भी गिरफ्तार किया गया है. इनके अलावा, हनुमंत विहार थाना क्षेत्र के योगेन्द्र विहार, अर्रा निवासी कपिल मिश्रा के बेटे आदित्य मिश्रा (23) और पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी के मूल निवासी, फिलहाल कानपुर के कलक्टरगंज में रहने वाले रवि राजपूत के बेटे गौतम राजपूत उर्फ थापा (31) को भी पुलिस ने पकड़ा है.
कई थानों में मुकदमे दर्ज, आलोक पाण्डेय पर सबसे ज्यादा केस
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है. चौबेपुर के अलावा कानपुर नगर के बिठूर, महाराजपुर और बिधनू थानों में इनके खिलाफ मामले दर्ज हैं. वहीं, उन्नाव के आसीवन, बांगरमऊ, सफीपुर और दही तथा फतेहपुर के बकेवर और लखनऊ के मदेयगंज थाने में भी चोरी, चोरी का माल खरीदने और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज होने की जानकारी मिली है.
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में आलोक पाण्डेय के खिलाफ सबसे ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं. टीम इनके आपराधिक रिकॉर्ड का सत्यापन करने के साथ दूसरे जिलों में दर्ज मामलों की भी जानकारी जुटा रही है. जांच का एक अहम पहलू गिरोह के अन्य संभावित साथियों और चोरी के सामान को खरीदने वाले लोगों का पता लगाना है.
सातों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है. पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ट्रांसफार्मर चोरी की कितनी अन्य घटनाओं में इस गिरोह की भूमिका रही है.
रंजय सिंह