झांसी की बेटी ने किया कमाल... 20 हजार फीट से ज्यादा ऊंची चोटी पर फहराया तिरंगा, बर्फ खाकर बुझाई प्यास

झांसी की बेटी सोनिया कुशवाहा ने पर्वतारोहण में एक बड़ा मुकाम हासिल किया है. 15 अगस्त को हिमाचल प्रदेश स्थित 20,219 फीट ऊंचे माउंट सिनकुन वेस्ट की चोटी पर पहुंचकर उन्होंने भारतीय तिरंगा फहराया.

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सोनिया कुशवाहा ने 20 हजार फीट ऊंची चोटी पर फहराया तिरंगा (Photo: ITG) सोनिया कुशवाहा ने 20 हजार फीट ऊंची चोटी पर फहराया तिरंगा (Photo: ITG)

अजय झा

  • झांसी ,
  • 19 अगस्त 2025,
  • अपडेटेड 6:09 PM IST

यूपी के झांसी की बेटी सोनिया कुशवाहा ने पर्वतारोहण में एक बड़ा मुकाम हासिल किया है. 15 अगस्त को हिमाचल प्रदेश स्थित 20,219 फीट ऊंचे माउंट सिनकुन वेस्ट की चोटी पर पहुंचकर उन्होंने भारतीय तिरंगा फहराया. झांसी रेल मंडल में ओएस के पद पर कार्यरत सोनिया ने इस उपलब्धि से पूरे जिले का नाम रोशन किया है. 

मुश्किलों से भरा रहा सफर

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माउंट सिनकुन वेस्ट पर चढ़ाई का सफर सोनिया के लिए आसान नहीं था. उनके साथ गो क्लाइंब की पांच सदस्यीय टीम थी, जिसमें नरेश कुमार, फुरशिम्बा शेरपा, संतोष कप्रबन और मिग्मा तेनजिंग भी शामिल थे. चोटी पर तिरंगा फहराने के बाद वापसी में उन्हें भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. सोनिया ने बताया कि अचानक हुई बर्फबारी के कारण वे बीच रास्ते में फंस गए थे. अत्यधिक ठंड के कारण पानी के सभी स्रोत जम गए थे, जिससे उन्हें प्यास बुझाने के लिए बर्फ खानी पड़ी. वे 14 घंटे तक बिना पानी के रहे. 

हॉकी खिलाड़ी से बनीं पर्वतारोही

सोनिया कुशवाहा झांसी के सूजे खां खिड़की बाहर की रहने वाली हैं. उनके पिता हरिमोहन कुशवाहा कारोबारी हैं. सोनिया ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने परिवार और टीम को दिया. उन्होंने बताया कि वह पहले एक हॉकी खिलाड़ी थीं और उन्होंने ग्वालियर की एक एकेडमी से प्रशिक्षण लिया है. सोनिया छह राष्ट्रीय स्तर के हॉकी मैच खेल चुकी हैं और गोलकीपर के रूप में जानी जाती हैं. 

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पूरा शहर कर रहा गर्व

सोनिया की इस बहादुरी और दृढ़ संकल्प ने सभी को गर्व महसूस कराया है. उनका डिपार्टमेंट और पूरा जिला उनकी इस उपलब्धि पर गर्व कर रहा है. सोनिया ने बताया कि खराब मौसम के कारण जब वे फंसे थे, तब उन्होंने सैटेलाइट फोन से अपने परिवार से संपर्क किया था. उनकी इस साहसी यात्रा ने साबित कर दिया कि अगर हौसले बुलंद हों तो कोई भी मुश्किल बड़ी नहीं होती. 

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