IAS रिंकू सिंह राही का नया आरोप, बोले- देखते हैं अधिकारी कितना गिरते हैं

जालौन में तैनात ज्वाइंट सिटी मजिस्ट्रेट IAS रिंकू सिंह राही ने FIR दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है. तहरीर देने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर अपने खिलाफ चल रहे कथित षड्यंत्र और अधिकारियों के रवैये पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में षड्यंत्रकारियों को रोकने के लिए FIR जरूरी दिखाई दे रही है.

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रिंकू सिंह राही. (Photo: ITG) रिंकू सिंह राही. (Photo: ITG)

संतोष शर्मा

  • लखनऊ ,
  • 19 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 7:38 PM IST

उत्तर प्रदेश के जालौन में तैनात ज्वाइंट सिटी मजिस्ट्रेट IAS रिंकू सिंह राही एक बार फिर चर्चा में हैं. कैडर बदलने की मांग कर चुके रिंकू सिंह राही ने अब FIR दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है. तहरीर देने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट लिखकर अपनी बात रखी है. अपनी पोस्ट में रिंकू सिंह राही ने कहा कि उनके खिलाफ षड्यंत्र बहुत ज्यादा हो गए हैं. उन्होंने लिखा कि ऐसा लगता है जैसे कुछ लोग इस इंतजार में हैं कि उनसे कोई चूक हो और उन्हें बख्शा न जाए. उन्होंने अपने पुराने मामलों का जिक्र करते हुए भी कई सवाल उठाए.

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IAS रिंकू सिंह राही ने अपनी पोस्ट में जालौन तहसील में कोल्ड स्टोरेज की जांच का मुद्दा उठाया. उन्होंने सवाल किया कि उनके ट्रांसफर के बाद तहसील जालौन में कोल्ड स्टोरेज की जांच का क्या हुआ. साथ ही उन्होंने लिखा कि उस समय अधिकारियों की सैलरी तक रोक दी गई थी. इसके साथ ही उन्होंने सरकारी जमीन और नजूल की जमीन पर अवैध कब्जों का भी जिक्र किया. उन्होंने सवाल किया कि क्या उन अवैध कब्जों को हटाने के लिए कोई कार्रवाई हुई.

वरिष्ठ कोषाधिकारी पर भी उठाए सवाल

रिंकू सिंह राही ने अपनी पोस्ट में यह भी लिखा कि संभव है कि कागजों में सब कुछ सही कर दिया गया हो. उन्होंने कहा कि शायद बवाल करके यही हासिल करना था और वह मिल गया. अपनी पोस्ट में IAS रिंकू सिंह राही ने जालौन के वरिष्ठ कोषाधिकारी का भी जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि वरिष्ठ कोषाधिकारी ने पत्र रिसीव करने के लिए अपने कार्यालय में मना कर दिया.

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रिंकू सिंह राही के मुताबिक, उन्होंने इस संबंध में फोन पर बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन फोन पर बात करने से भी मना कर दिया गया. उन्होंने इस रवैये पर सवाल उठाते हुए लिखा कि शायद ही कहीं ऐसा होता हो, लेकिन जालौन में ऐसा हो रहा है. उन्होंने यह भी लिखा कि पत्र को पढ़कर लेकिन उसे रिसीव नहीं करके शायद यह दिखाने की कोशिश की जा रही है कि जब पत्र रिसीव ही नहीं हुआ तो उसका अनुपालन कैसे होगा.

IAS रिंकू सिंह राही ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में आगे लिखा कि अब देखना है कि अधिकारी और दूसरे लोग कितना नीचे गिरते हैं. उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें FIR जरूरी दिखाई दे रही है. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि FIR इसलिए जरूरी लग रही है ताकि षड्यंत्रकारियों को थोड़ा रुकने के लिए मजबूर किया जा सके. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इसमें एक बात बिल्कुल स्पष्ट है कि अगर वह गलत होंगे तो उन्हें सजा मिल जाएगी.

रिंकू सिंह राही ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि अगर इस मामले में भी कोई षड्यंत्र होता है तो उन्हें न्याय पाने के लिए उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ सकती है. उन्होंने कहा कि वह हर स्थिति के लिए खुद को तैयार रखना चाहते हैं. उनकी पोस्ट में लगातार अपने खिलाफ कथित षड्यंत्र, अधिकारियों के रवैये और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए गए हैं.

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FIR के लिए तहरीर देने के बाद IAS रिंकू सिंह राही की सोशल मीडिया पोस्ट सामने आई है. इसमें उन्होंने अपनी ओर से मौजूदा परिस्थितियों को लेकर कई बातें रखी हैं. उन्होंने पुराने मामलों से लेकर हाल में पत्र रिसीव नहीं किए जाने तक का जिक्र किया है. उन्होंने कोल्ड स्टोरेज की जांच, सरकारी और नजूल जमीन से जुड़े मामलों तथा वरिष्ठ कोषाधिकारी के कार्यालय में पत्र रिसीव नहीं किए जाने का मुद्दा उठाया है. इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि मौजूदा हालात में FIR दर्ज कराना जरूरी लग रहा है.

तहरीर देने के बाद सोशल मीडिया पोस्ट

रिंकू सिंह राही ने अपनी पोस्ट में यह भी स्पष्ट किया कि अगर वह गलत साबित होते हैं तो उन्हें सजा मिलनी चाहिए. वहीं, अगर आगे भी उनके साथ कोई ऐसी स्थिति बनती है जिसे वह षड्यंत्र मानते हैं, तो उन्होंने उच्च न्यायालय की शरण लेने की बात कही है. फिलहाल IAS रिंकू सिंह राही की ओर से FIR के लिए तहरीर दिए जाने और उसके बाद सोशल मीडिया पर लिखी गई पोस्ट को लेकर चर्चा तेज है. उनकी पोस्ट में उठाए गए सवालों में प्रशासनिक अधिकारियों के रवैये से लेकर पुराने जांच मामलों तक कई मुद्दे शामिल हैं.
 

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