युवराज की मौत के बाद भी नहीं जागा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण! खुले गड्ढे में समा गई कार

ग्रेटर नोएडा में एक गहरे गड्ढे में कार गिरने का हादसा सामने आया है. ये गड्ढा कई दिनों से बिना बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड के खुला पड़ा था.

Advertisement
कार सवार की जान बाल-बाल बची. (Photo- Screengrab) कार सवार की जान बाल-बाल बची. (Photo- Screengrab)

अरुण त्यागी

  • नई दिल्ली,
  • 29 जून 2026,
  • अपडेटेड 5:00 PM IST

युवराज मेहता की मौत के बावजूद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़े बैठा है. एक बार फिर प्राधिकरण की बड़ी लापरवाही सामने आई है. शनिवार रात को सेक्टर अल्फा-1 रेलवे विहार की एक सड़क पर गंगाजल पाइपलाइन की मरम्मत के लिए एक गहरा गड्ढा खोदा गया था. इस गड्ढे में एक शख्स कार समेत गिर गया.

दरअसल ये गड्ढा कई दिनों से बिना किसी बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड के खुला पड़ा था. अंधेरा होने की वजह से प्रमोद नाम के एक युवक की कार अचानक इस गहरे गड्ढे में जा गिरी. हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. हालांकि, गनीमत रही कि युवक की जान बच गई.

Advertisement

एक्टिव सिटिजन टीम के सदस्य हरेंद्र भाटी ने प्राधिकरण पर आरोप लगाए हैं कि शहर को गड्ढा-मुक्त बनाने के दावे पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं. विकास के नाम पर जगह-जगह मौत के कुएं खोदे जा रहे हैं. 

प्रशासन की लापरवाही पर भड़के भाटी

हरेंद्र भाटी ने कहा, 'अगर इस जगह पर समय रहते बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर और चेतावनी संकेत लगाए गए होते, तो ये हादसा नहीं होता. संबंधित जल विभाग, तकनीकी विभाग और ठेकेदार की एजेंसी ने अपनी जिम्मेदारी का ईमानदारी से नहीं निभाई. समय पर निरीक्षण और निगरानी होती तो ये दुर्घटना आसानी से टाली जा सकती थी.'

इस हादसे के बाद मौके का एक वीडियो भी सामने आया है. वीडियो में साफ दिख रहा है कि क्रेन और स्थानीय लोगों की मदद से गाड़ी को गड्ढे से बाहर निकाला जा रहा है. गड्ढे के पास सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे, जिससे रात के समय वाहन चालकों को ये दिखाई नहीं देता.

Advertisement

स्थानीय निवासियों और एक्टिव सिटिजन टीम ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से इस पूरे मामले की जांच की मांग की है. उन्होंने जल विभाग, तकनीकी विभाग और संबंधित ठेकेदार की जवाबदेही तय कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की है.

यह भी पढ़ें: UP: पानी से भरे गड्ढे में डूबने से दो चचेरे भाइयों की मौत, गांव में पसरा मातम

साथ ही शहर के सभी खुले गड्ढों को तुरंत भरने और खुदाई वाली जगहों पर रिफ्लेक्टर और बैरिकेडिंग लगाने की मांग उठाई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर सुधार नहीं हुआ, तो आगे कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »