लखनऊ में गोमती नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी होने से रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों में पानी भर गया, जिससे कई इलाकों में अव्यवस्था फैल गई. हालांकि, फौरन एक्शन लेते हुए एलडीए और ट्रैफिक पुलिस की टीमों ने मोर्चा संभालकर नालों पर चेकडैम बनाए, जिसके बाद स्थिति नियंत्रण में आई और पानी का स्तर घटने लगा. आइए जानते हैं प्रशासन का क्या कहना है और हालात क्या है...
फिलहाल, लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की टीम ने इकाना स्टेडियम, फीनिक्स पलासियो मॉल और शहीद पथ सर्विस लेन पर गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने और नालों के बैकफ्लो से हुए जलभराव पर नियंत्रण पा लिया है. नदी का पानी बढ़ने के कारण 6-7 अक्टूबर को इकाना स्टेडियम के पीछे से पानी गोमती नगर विस्तार के सेक्टर-7 और आसपास के इलाकों में दाखिल हो गया था. एलडीए अधिकारियों ने जेसीबी और बोल्डर पिचिंग की मदद से फौरी तौर पर चेकडैम बनाकर पानी के प्रवाह को रोका.
नालों के बैकफ्लो से बढ़ा जलभराव का खतरा
वहीं, बुधवार शाम 6 बजे गोमती नदी का जलस्तर 107.24 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर से 1.26 मीटर नीचे है. लखनऊ विकास प्राधिकरण के वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि नदी में पानी का दबाव बढ़ने से उससे जुड़े नालों में बैकफ्लो शुरू हो गया था. इसी बैकफ्लो के कारण शहीद पथ की सर्विस लेन, इकाना स्टेडियम और फीनिक्स पलासियो मॉल के पास गंभीर जलभराव हुआ. सुरक्षा के लिहाज से फीनिक्स पलासियो मॉल की ओर जाने वाली सर्विस लेन को बैरिकेडिंग लगाकर बंद कर दिया गया.
24 घंटे मुस्तैद एलडीए, हेल्पलाइन नंबर जारी
एलडीए की ओर से 5 अक्टूबर से ही एहतियात के तौर पर 8-8 घंटे की तीन शिफ्टों में अधिकारियों और अभियंताओं की 24×7 ड्यूटी लगाई गई थी. 6 अक्टूबर को पानी प्रवेश करने पर निगरानी टीम की सूचना पर अतिरिक्त अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली. एलडीए ने जनता की सुविधा के लिए सहायक अभियंता राहुल वर्मा का मोबाइल नंबर 9918006069 और टोल-फ्री नंबर एक्टिव किया है, ताकि जलभराव से जुड़ी समस्या की जानकारी दी जा सके.
अंडरपास में यातायात सामान्य, ट्रैफिक पुलिस सतर्क
ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, इकाना तिराहे से प्लासियो चौराहा होते हुए बाईपास तक मार्ग के दोनों ओर जलभराव रहा. हालांकि, इकाना अंडरपास और प्लासियो अंडरपास में कोई जलभराव नहीं है और वहां से यातायात सामान्य रूप से चलता रहा. एसीपी ट्रैफिक दक्षिणी राधारमण के नेतृत्व में यातायात पुलिस सतर्क दृष्टि रखते हुए लगातार निगरानी कर रही है, जिससे आवाजाही में कोई रुकावट न आए.
aajtak.in