आगरा कैंट GRP ने ट्रेन के AC कोच में चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों पुनीत और आकाश पाल को गिरफ्तार किया है. पीलीभीत निवासी पुनीत और लखनऊ निवासी आकाश चलती ट्रेनों के AC कोचों में सो रही महिलाओं को निशाना बनाते थे. दोनों महिलाओं के बैग की जिप खोलकर उसमें रखे जेवर और नकदी चोरी कर लेते थे. आरोपी AC-1, AC-2 और AC-3 कोचों में वारदात करते थे.
पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से करीब 25 लाख रुपये कीमत के आभूषण और अन्य चोरी का माल बरामद किया है. GRP ने फरवरी और अगस्त में आगरा में हुई दो बड़ी ट्रेन चोरियों का भी खुलासा किया है.
25 लाख का सामान बरामद
आगरा कैंट GRP ने फरवरी और अगस्त में हुई दो बड़ी ट्रेन चोरियों का खुलासा करते हुए पुनीत और आकाश को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 25 लाख रुपये कीमत के चोरी के आभूषण और अन्य सामान बरामद किया है. GRP अब आरोपियों से जुड़ी दूसरी ट्रेन चोरी की वारदातों का भी पता लगाने में जुटी है.
NEET पास आरोपी, MBBS की पुष्टि बाकी
पूछताछ में पुनीत ने दावा किया कि उसने वर्ष 2017 में NEET परीक्षा क्वालीफाई की थी, हालांकि उसके मुताबिक वह परीक्षा कैंसिल हो गई थी. उसने MBBS से जुड़ी अपनी पढ़ाई की बात भी बताई है, लेकिन पुलिस के स्तर पर इसकी पुष्टि अभी बाकी है.
पुनीत ने पुलिस को बताया कि उसने कैंसर पीड़ित अपनी गर्लफ्रेंड के इलाज पर करीब 80 लाख रुपये खर्च किए. हालांकि पुलिस पूछताछ में सामने आई इन बातों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है.
हुक्का पार्लर बंद हुआ तो चोरी में उतरा
पुनीत पहले लखनऊ में हुक्का पार्लर चलाता था. लॉकडाउन के बाद हुक्का पार्लर बंद हो गया. इसके बाद उसने ट्रेनों के AC कोचों में चोरी शुरू कर दी. पुलिस के मुताबिक, वह खासतौर पर महिलाओं के बैग पर नजर रखता था और मौका मिलते ही बैग की जिप खोलकर जेवर और नकदी निकाल लेता था.
पुलिस का दावा है कि पुनीत को लग्जरी लाइफस्टाइल, महंगे कपड़े और क्लब जाने का शौक था. इसी शौक और पैसों की जरूरत के चलते उसने चोरी को अपना जरिया बना लिया. मुख्य आरोपी पुनीत पर अलग-अलग थानों में 27 से ज्यादा मुकदमे दर्ज होने का दावा किया गया है.
पुलिस से बचने के लिए बदलते थे जिला
आरोपियों का तरीका भी पुलिस से बचने वाला था. एक इलाके में वारदात करने के बाद वे अपना जिला बदल लेते थे और दूसरे क्षेत्र में ट्रेन को निशाना बनाते थे. इसी वजह से अलग-अलग राज्यों और जिलों में उनकी गतिविधियों का पता लगाना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था.
सीओ GRP के अनुसार, पूछताछ के आधार पर आरोपियों से जुड़ी अन्य ट्रेन चोरी की वारदातों का पता लगाया जा रहा है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दोनों ने अब तक कितनी ट्रेनों और किन-किन शहरों में चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है.
अरविंद शर्मा