UP News: गाजियाबाद के प्रशांत विहार वार्ड संख्या-31 में केले को नाले के गंदे पानी में धोकर बिक्री के लिए तैयार किए जाने का वायरल वीडियो अब पुलिस जांच के बाद नए मोड़ पर पहुंच गया है.
लोनी क्षेत्र के स्थानीय लोगों ने पहले पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी और आरोप लगाया था कि सावन माह में गंदे फल बेचकर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है तथा उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं. हालांकि पुलिस की प्रारंभिक जांच में शिकायत में लगाए गए मुख्य आरोपों की पुष्टि नहीं होने की बात सामने आई है.
सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) लोनी राम किशन राना ने बताया कि 6 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने की सूचना प्राप्त हुई थी. वीडियो में एक व्यक्ति केले को नाले के गंदे पानी में धोकर बिक्री के लिए रखने का दावा किया जा रहा था. मामले की जांच थाना लोनी प्रभारी को सौंपी गई.
पुलिस के अनुसार जांच में पता चला कि गीतांजलि विहार कॉलोनी निवासी सादिक नामक व्यक्ति का एक कोल्ड स्टोर है, जहां बाहर से ट्रकों के माध्यम से केले मंगाकर उनका व्यापार किया जाता है. जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि ट्रक से केले उतारते समय पांच कैरेट से लदा एक ठेला असंतुलित होकर पलट गया था, जिससे केले नाली में गिर गए थे. देखें VIDEO:-
एसीपी ने बताया कि नाली में गिरे केले निकलवाकर कोल्ड स्टोर के पीछे स्थित खाली मैदान में फिंकवा दिए गए थे और उन्हें बिक्री के लिए उपयोग नहीं किया गया. पुलिस का कहना है कि इस संबंध में मौके का वीडियो भी उपलब्ध है, जिससे जांच में सामने आए तथ्यों की पुष्टि होती है.
पुलिस ने साफ किया है कि अब तक की जांच में यह प्रमाण नहीं मिला है कि नाले में गिरे केले बाजार में बिक्री के लिए भेजे गए थे. फिलहाल उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच पूरी कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है. वहीं वायरल वीडियो को लेकर फैली भ्रामक जानकारियों से बचने और किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि करने की भी अपील की गई है
मयंक गौड़