ट्रैक्टर की चाह में छोटा भाई बना कातिल, शराब पिलाकर बड़े को पत्थरों से कुचला, CCTV से खुला ब्लाइंड मर्डर का राज

गाजियाबाद में ट्रैक्टर और पैसों के विवाद में छोटे भाई ने कथित तौर पर बड़े भाई की हत्या कर दी. शराब पिलाने के बाद पत्थरों से वार कर शव झाड़ियों में फेंक दिया गया था. चार दिन तक पुलिस के लिए यह ब्लाइंड मर्डर बना रहा. CCTV, तकनीकी सर्विलांस और मैनुअल इनपुट से जांच आगे बढ़ी तो साजिश का खुलासा हुआ.

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शव झाड़ियों में फेंका.(Photo: Mayank Gaur/ITG) शव झाड़ियों में फेंका.(Photo: Mayank Gaur/ITG)

मयंक गौड़

  • गाजियाबाद,
  • 02 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:30 PM IST

गाजियाबाद में रिश्तों को शर्मसार करने वाला हत्याकांड सामने आया है. मसूरी थाना क्षेत्र में ट्रैक्टर और पैसों के लालच में छोटे भाई ने कथित तौर पर अपने बड़े भाई को मौत के घाट उतार दिया. हत्या के बाद पहचान छिपाने के लिए शव को झाड़ियों में फेंक दिया गया और सीने पर भारी सीमेंट का पत्थर रख दिया गया. पुलिस ने चार दिन में इस ब्लाइंड मर्डर का खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.

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मामला 26 जुलाई की सुबह सामने आया, जब आध्यात्मिक नगर में PWD कार्यालय के पास झाड़ियों में एक अज्ञात व्यक्ति का खून से लथपथ शव मिला. मृतक के चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान थे. उसके सीने पर खून से सना भारी सीमेंट का पत्थर रखा हुआ था. सूचना मिलते ही मसूरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और अज्ञात हत्यारे के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया.

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घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तीन टीमों का गठन किया. CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मैनुअल इनपुट की मदद से जांच शुरू की गई. लगातार प्रयास के बाद 30 जुलाई को मृतक की पहचान मुरादाबाद के मूढ़ा पांडे थाना क्षेत्र के जन्डेल गांव निवासी 42 वर्षीय मोनू सिंह पुत्र रामपाल सिंह के रूप में हुई.

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ट्रैक्टर को लेकर भाइयों में चल रहा था विवाद

मृतक की पहचान होने के बाद पुलिस की जांच परिवार तक पहुंची. इसी दौरान मोनू के छोटे भाई सुखवीर पर शक गहराया. पूछताछ में पुलिस के मुताबिक, सुखवीर ने हत्या की साजिश और वारदात को अंजाम देने की बात कबूल कर ली.

जांच में सामने आया कि दोनों भाइयों ने फरवरी 2026 में दो लाख रुपये जमा किए थे. इसके अलावा 5.20 लाख रुपये का लोन लेकर मोनू के नाम से सोनालिका 750 ट्रैक्टर खरीदा गया था. शुरुआत में दोनों भाई मिलकर ट्रैक्टर चलाते थे और उससे कमाई करते थे.

कुछ समय बाद सुखवीर की कथित तौर पर नीयत बदल गई. वह ट्रैक्टर को अपने नाम कराना चाहता था, लेकिन मोनू इसके लिए तैयार नहीं था. इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया. परिवार में कई बार पंचायत भी हुई, लेकिन दोनों भाइयों के बीच चल रहा विवाद किसी नतीजे तक नहीं पहुंच सका.

शराब पिलाकर भाई को बनाया निशाना

पुलिस के अनुसार, 25 जुलाई को सुखवीर गाजियाबाद पहुंचा और फोन करके मोनू को भी वहां बुला लिया. दोनों ने साथ बैठकर शराब पी. आरोप है कि सुखवीर ने जानबूझकर अपने भाई को ज्यादा शराब पिला दी, ताकि वह विरोध करने की स्थिति में न रहे.

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देर रात दोनों PWD कार्यालय के पास पहुंचे. पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि उसने मोनू को सड़क किनारे एक गड्ढे में गिरा दिया. इसके बाद सीमेंट के पत्थरों से उसके सिर और सीने पर लगातार वार किए, जिससे उसकी मौत हो गई.

हत्या के बाद आरोपी ने शव को झाड़ियों में डाल दिया और उसके सीने पर भारी पत्थर रख दिया. पुलिस के मुताबिक, इसका मकसद वारदात की पहचान छिपाना था, ताकि मामला किसी हादसे या अज्ञात शव का लगे. इसके बाद सुखवीर वहां से फरार हो गया.

CCTV और सर्विलांस से चार दिन में खुला राज

मसूरी थाना पुलिस और ग्रामीण जोन की सर्विलांस टीम ने मामले की जांच में CCTV फुटेज और तकनीकी सर्विलांस का सहारा लिया. मैनुअल इनपुट के जरिए भी संदिग्धों की जानकारी जुटाई गई. जांच की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस आरोपी सुखवीर तक पहुंच गई और उसे गिरफ्तार कर लिया.

एसीपी मसूरी सुनील कुमार ने बताया कि CCTV फुटेज, तकनीकी सर्विलांस और मैनुअल इनपुट के आधार पर आरोपी को पकड़ा गया है. पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए खून से सने दो सीमेंट के पत्थर भी घटनास्थल से बरामद कर लिए हैं.

पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज है. उससे पूछताछ के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है. चार दिन पहले मिले अज्ञात शव से शुरू हुई जांच अब सगे भाई की गिरफ्तारी के साथ एक कथित संपत्ति और ट्रैक्टर विवाद की खूनी साजिश तक पहुंच गई है.

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