दिल्ली भगदड़ का असर... प्रयागराज में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के चलते अफसरों की ड्यूटी 27 फरवरी तक बढ़ी

प्रयागराज में माघ मेले और अमृत स्नान के लिए उमड़ रही भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने अधिकारियों की तैनाती 27 फरवरी तक बढ़ा दी है. 26 फरवरी को अंतिम अमृत स्नान के बाद भी अफसर कानून व्यवस्था और ट्रैफिक मैनेजमेंट संभालेंगे. सरकार ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात भीड़ के कारण मची भगदड़ और प्रयागराज में बढ़ती भीड़ को देखते हुए यह फैसला लिया है.

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फाइल फोटो. फाइल फोटो.

संतोष शर्मा

  • प्रयागराज,
  • 16 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 5:05 PM IST

प्रयागराज में माघ मेले और अमृत स्नान के लिए उमड़ रही भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने अधिकारियों की तैनाती की अवधि 27 फरवरी तक बढ़ा दी गई है. संगम में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे कानून व्यवस्था और ट्रैफिक मैनेजमेंट को सुचारू बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है.

दरअसल, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात भीड़ के कारण मची भगदड़ और प्रयागराज में बढ़ती भीड़ को देखते हुए सरकार ने पहले से तैनात अधिकारियों की ड्यूटी बढ़ा दी है. अमृत स्नान का अंतिम दिन 26 फरवरी को होने के कारण, अधिकारी उसके बाद भी स्थिति नियंत्रित करने के लिए तैनात रहेंगे. इस दौरान पुलिस बल, प्रशासनिक अधिकारी और अन्य जरूरी सेवाओं के अधिकारी पूरी तरह मुस्तैद रहेंगे. ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो और मेला क्षेत्र में सुगम यातायात बना रहे.

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ये भी पढ़ें- प्रयागराज के बाद अयोध्या में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, सड़कें भरी

बता दें कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात भीड़ के कारण भगदड़ मच गई. हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई है. हादसे की शुरुआती जांच रिपोर्ट से पता चला है कि महाकुंभ श्रद्धालुओं के लिए विशेष ट्रेन की घोषणा की गई थी. इस बीच, प्लेटफार्म शिफ्ट करने के चक्कर में भीड़ बेकाबू हो गई और बड़ा हादसा हो गया.

स्थानीय लोग श्रद्धालुओं को बिस्किट और पानी बांटकर कर रहे सेवा

उधर, प्रयागराज महाकुंभ में हर दिन लाखों की संख्या में लोग संगम स्नान के लिए पहुंच रहे हैं. कई श्रद्धालु भूख और प्यास से परेशान हो रहे हैं. कई लोग दूर-दराज से आकर यहां आस्था की डुबकी लगा रहे हैं. स्नान के बाद वापस लौटने वाले यात्रियों को भी लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ रही है. ऐसे में समाजसेवियों और स्थानीय नागरिकों ने उनकी सहायता के लिए भोजन और पानी की सेवा शुरू की है.

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