लड़कियों को इंप्रेस करने के लिए कोई महंगे तोहफे देता है तो कोई लव लेटर लिखता है, लेकिन लखनऊ के चर्चित मामले में आरोपी डॉक्टर पर प्रेम पत्र लिखने का एक ऐसा तरीका अपनाया जिसे जानकर कोई भी हैरान रह जाए. पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि केजीएमयू के पूर्व एमडी पैथोलॉजी छात्र डॉ. रमीज उर्फ रमीजुद्दीन लड़कियों को प्रभावित करने के लिए मुर्गे के खून से प्रेम पत्र लिखता था. वह युवतियों को यह भरोसा दिलाता था कि पत्र उसके अपने खून से लिखा गया है.
पीड़िता ने रमीज और उसके परिवार के सदस्यों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. दूसरी ओर, पुलिस पूछताछ में भी आरोपी के युवतियों के निजी वीडियो बनाने और उनका इस्तेमाल करने से जुड़े खुलासे हुए हैं. पीड़िता के बयान के मुताबिक, उसकी और रमीज की मुलाकात मेडिकल की पढ़ाई के दौरान हुई थी. उसने बताया कि पहली बार वर्ष 2011 में दिवाली के दिन रमीज ने फोन कर उसे शुभकामनाएं दी थीं. इसके बाद दोनों के बीच बातचीत बढ़ने लगी. दिसंबर 2012 में रमीज ने उसे आगरा के साबुन कटरा स्थित अपने फ्लैट पर डांस प्रैक्टिस के बहाने बुलाया. पीड़िता का आरोप है कि वहां उसे नशीला पेय दिया गया, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई. इस दौरान रमीज ने उसके साथ जबरदस्ती की. बाद में उसने मैसेज के जरिए अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी भी मांगी. पीड़िता के अनुसार, कुछ दिनों बाद रमीज ने उसे शादी का भरोसा दिया और प्रेम संबंध आगे बढ़ाने का प्रस्ताव रखा. 11 दिसंबर 2012 को दोबारा फ्लैट पर बुलाकर उस पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया गया. उसे आशंका है कि इसी दौरान उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो भी रिकॉर्ड किए गए थे.
बैग में रख देता था शराब की बोतल और कंडोम
पीड़िता ने अपने बयान में आरोप लगाया कि रमीज संबंध बनाने के बाद कंडोम और शराब की बोतल जैसी चीजें उसके बैग में रख देता था. जब उसके पिता को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने विरोध किया. हालांकि, तब तक वह रमीज और उसके दोस्तों के प्रभाव में आ चुकी थी. पीड़िता का दावा है कि रमीज और उसके कुछ दोस्त उसे परिवार से दूर करने की कोशिश करते थे. उसके मुताबिक, बातचीत के दौरान धर्म को लेकर भी ऐसी बातें कही जाती थीं, जिनसे उसके मन में अपने परिवार और माता-पिता के प्रति दूरी बढ़ने लगी. वर्ष 2013-14 के दौरान रमीज की मां खतीजा ने भी उससे संपर्क किया. पीड़िता का आरोप है कि उन्होंने उसे मिलने के लिए होटल बुलाया और खुद को आधुनिक विचारों वाला बताते हुए उसकी पसंद और आजादी की बातें कीं. इसके साथ ही उसे रात में फोन करने के लिए कहा जाता था. पीड़िता के अनुसार, फोन करने में देरी होने या भूल जाने पर रमीज उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट करता था.
एम्स के कॉलेज फेस्टिवल में भी जबरदस्ती का आरोप
पीड़िता ने वर्ष 2014 की एक और घटना का जिक्र किया है. उसके मुताबिक, दिल्ली के एम्स में आयोजित कॉलेज फेस्टिवल के दौरान रमीज ने उसके लिए एक कमरा बुक कराया था. वहां खाने या सिगरेट में नशीला पदार्थ मिलाकर देने का आरोप लगाया गया है. पीड़िता का कहना है कि इसके बाद वह अर्धचेतन अवस्था में पहुंच गई और रमीज ने उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए. उसका आरोप है कि वर्ष 2012 से 2025 तक अलग-अलग जगहों पर उसका यौन शोषण किया गया. हर बार शादी का भरोसा देकर उसे चुप करा दिया जाता था. पीड़िता ने यह भी दावा किया कि उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो रमीज अपने दोस्तों को दिखाता था.
गर्भवती होने पर शादी से इनकार, गर्भपात कराने का दबाव
पीड़िता के बयान के अनुसार, वर्ष 2016 में वह गर्भवती हो गई थी. जब उसने रमीज से शादी करने की बात कही तो उसने कथित तौर पर इनकार कर दिया और गर्भपात कराने का दबाव बनाया. पीड़िता का आरोप है कि उसे आगरा के खंदारी क्षेत्र स्थित एक क्लीनिक ले जाया गया. वहां जांच के बाद उसे गर्भपात की दवाइयां दी गईं. दवा खाने के तीसरे दिन उसे तेज दर्द हुआ और कमरे में ही गर्भपात हो गया. इस घटना को लेकर भी उसने अपने बयान में गंभीर आरोप लगाए हैं. पीड़िता के मुताबिक, वर्ष 2017 से 2019 के बीच उसने रमीज से दूरी बना ली थी. इस दौरान उसके पिता ने उसकी शादी के लिए रिश्ते तलाशने शुरू किए. आरोप है कि रमीज ने इसी दौरान उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो संभावित मंगेतरों तक पहुंचाने शुरू कर दिए. इससे कई रिश्ते टूट गए. पीड़िता ने अपने बयान में पांच से सात रिश्ते तुड़वाने का आरोप लगाया है. वहीं, पुलिस पूछताछ से जुड़ी जानकारी में एक युवती के करीब चार रिश्ते तुड़वाने की बात भी सामने आई है.
पुलिस के मुताबिक, आरोपी युवतियों के निजी वीडियो रिकॉर्ड करके अपने मोबाइल में रखता था और जरूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल करता था. आरोप है कि वह युवतियों की शादी तय होने पर उनके होने वाले पतियों को ये वीडियो भेज देता था, ताकि रिश्ते आगे न बढ़ सकें.
2023 में लखनऊ आई पीड़िता, साथ रहने के बाद बढ़ी प्रताड़ना
पीड़िता के मुताबिक, वर्ष 2023 में रमीज के कहने पर वह लखनऊ आ गई. अक्टूबर 2023 में आरोपी के माता-पिता ने दोनों को एक ही फ्लैट में रहने की सलाह दी. इसके बाद वह रमीज के साथ रहने लगी. उसका आरोप है कि लखनऊ में भी उसकी मर्जी के खिलाफ शारीरिक संबंध बनाए गए. जब उसने इसकी शिकायत रमीज के माता-पिता से की तो उन्होंने उसका साथ देने के बजाय उसे ही सब कुछ सहने की सलाह दी. पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि रमीज के माता-पिता उससे घर का काम कराते थे. उससे खाना बनवाने, सफाई कराने और यहां तक कि टॉयलेट साफ करवाने तक का काम लिया जाता था. विरोध करने पर गाली-गलौज और मारपीट की जाती थी. पीड़िता के मुताबिक, वर्ष 2024 में उसे पता चला कि रमीज के केजीएमयू में पढ़ने वाली अन्य लड़कियों से भी संबंध हैं. विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई. उसने आरोप लगाया कि उसे जमीन पर गिराकर घसीटा गया और दीवार में सिर मार दिया गया, जिससे वह बेहोश हो गई. यह घटना जून-जुलाई 2025 के आसपास की बताई गई है.
धर्म परिवर्तन और निकाह के लिए दबाव बनाने का आरोप
पीड़िता ने अपने बयान में धर्म परिवर्तन के दबाव को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. उसके मुताबिक, वर्ष 2024 में होली से करीब एक सप्ताह पहले रमीज के माता-पिता ने उससे कहा कि हिंदू-मुस्लिम शादी नहीं हो सकती. यदि वह मुस्लिम धर्म अपना लेगी तो ही उसे परिवार में स्वीकार किया जाएगा. आरोप है कि जनवरी 2025 में भी उस पर धर्म परिवर्तन और निकाह के लिए दबाव बनाया गया. विरोध करने पर उसके निजी वीडियो उसके माता-पिता को दिखाए गए और बदनामी का डर दिखाकर रमीज से निकाह करने के लिए मजबूर करने की कोशिश की गई. पीड़िता ने खतीजा और सलीमुद्दीन पर फोन करके धमकाने का भी आरोप लगाया है.
कमरे में काजी बुलाकर तीन बार कबूल है कहलवाने का दावा
पीड़िता के बयान में फरवरी की एक कथित घटना का भी जिक्र है. उसके मुताबिक, उसे अपने माता-पिता के साथ निकाह के लिए ले जाया गया. वहां एक कमरे में काजी मौजूद था. आरोप है कि उसे और उसके पिता को एक छोटे कमरे में बंद कर दिया गया. इसके बाद काजी ने कुछ पढ़वाया और उससे तीन बार 'कबूल है' कहलवाया. पीड़िता का दावा है कि निकाहनामा पहले से तैयार था और उस पर उससे तथा उसके पिता से हस्ताक्षर कराए गए. उसके पिता पूरी प्रक्रिया का वीडियो बनाना चाहते थे, लेकिन उनका मोबाइल फोन ले लिया गया और उन्हें रिकॉर्डिंग नहीं करने दी गई. उसने बताया कि बाद में उसने रमीज के मोबाइल से निकाहनामे की तस्वीर भी खींच ली थी. निकाह के बाद उस पर मुस्लिम पहचान अपनाने और बाहर निकलते समय बुर्का पहनने का दबाव बनाया जाने लगा. पीलीभीत और खटीमा जाने के दौरान भी उसे बुर्का पहनने के लिए कहा जाता था. पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि वह शाकाहारी है, लेकिन उस पर मांसाहारी भोजन करने का दबाव बनाया जाता था. नौकरी करने की स्थिति में अपनी पूरी तनख्वाह परिवार को देने की बात भी कही जाती थी.
आशीष श्रीवास्तव