राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इस्तीफे की चर्चाओं के बीच उनके छोटे भाई सुनील बंसल का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि फिलहाल उन्हें इस्तीफे की जानकारी सिर्फ टीवी चैनलों के जरिए मिली है और आधिकारिक तौर पर उन्हें इसकी पुष्टि नहीं हुई है. उनके मुताबिक, चंपत राय के खिलाफ जो माहौल बनाया जा रहा है, वह विपक्ष और कुछ ऐसे लोगों की साजिश का हिस्सा है जो उन्हें हटाकर ट्रस्ट पर कब्जा करना चाहते हैं.
सुनील बंसल ने कहा कि चंपत राय ने अपना 50 साल से अधिक का जीवन राम मंदिर आंदोलन और मंदिर के कार्यों को समर्पित किया है. उन्होंने दावा किया कि उनके पास निजी संपत्ति के नाम पर सिर्फ एक थैला है. उन्होंने उनकी तुलना उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करते हुए कहा कि उन्होंने भी व्यक्तिगत जीवन से दूरी बनाए रखी है.
चंपत राय के भाई का पलटवार
उन्होंने बताया कि चंपत राय का परिवार से भी बहुत कम संपर्क रहा है. उनके अनुसार, वर्ष 2014 में वह केवल दो घंटे के लिए अपने भतीजे की शादी में शामिल होने आए थे. इसके बाद से उनका परिवार से लगभग कोई संपर्क नहीं रहा और बातचीत भी बहुत कम होती है. सुनील बंसल ने कहा कि उनके भाई को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है और पूरा विवाद राजनीतिक साजिश का हिस्सा है.
क्या है पूरा मामला
बता दें कि राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी, पैसों की कथित हेराफेरी और जमीन खरीद से जुड़े आरोपों के बाद चंपत राय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे की चर्चा तेज हो गई है. सूत्रों के मुताबिक दोनों ने अपने पद से इस्तीफा दिया है. हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है. इस मामले में गुरुवार, 25 जून को पहली एफआईआर दर्ज की गई थी.
राम मंदिर ट्रस्ट की शिकायत और स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम की सिफारिश के बाद पुलिस ने आठ नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया. एफआईआर में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा, रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू, सुभाष, करुणेश पांडे और लवकुश मिश्रा के नाम शामिल हैं. आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस सभी आठ नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और उनसे पूछताछ जारी है.
संजीव शर्मा